प्रदेश की 136 पंचायतों को प्रोत्साहन राशि की मंजूरी, करवाल जिले की इकलौती निर्विरोध पंचायत
विकास कार्यों और जनसुविधाओं पर खर्च हो सकेगी राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की ग्राम पंचायत करवाल ने वर्ष 2026 के पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनाव में निर्विरोध चुने जाने की मिसाल कायम की है।
करवाल जिले की इकलौती ऐसी पंचायत है, जहां ग्रामीणों ने आपसी सहमति से पंचायत प्रतिनिधियों का चयन किया। अब प्रदेश सरकार की ओर से पंचायत को विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपये का प्रोत्साहन अनुदान मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश में इस बार कुल 136 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। पंचायती राज विभाग ने इन सभी पंचायतों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। प्रत्येक पंचायत को 25 लाख रुपये की दर से कुल 34 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। यह राशि संबंधित जिला पंचायत अधिकारियों के माध्यम से पंचायतों को उपलब्ध करवाई जाएगी।
करवाल पंचायत को मिलने वाले अनुदान से क्षेत्र में आवश्यक विकास कार्य करवाने के साथ जनसुविधाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा। निर्विरोध चुनाव को गांव में आपसी सहमति, भाईचारे और सर्वसम्मति की भावना को मजबूत करने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव में अलग-अलग पदों के लिए प्रतिस्पर्धा के बजाय ग्रामीणों ने सहमति से प्रतिनिधियों का चयन किया।
सरकार ने निर्विरोध पंचायतों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था पंचायतों में आपसी सहमति और सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की है। इससे पंचायतों को चुनावी प्रक्रिया से आगे बढ़कर विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
पंचायती राज विभाग के सचिव सीपाल रासु ने बताया कि प्रदेश में निर्विरोध चुनी गई सभी पंचायतों को 25-25 लाख रुपये का प्रोत्साहन अनुदान दिया जाएगा। यह राशि संबंधित पंचायत अधिकारियों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएगी।