चंबा। नदी-नालों को खनन माफिया से बचाने के लिए जहां सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है तो वहीं जिला चंबा के नदी-नालों को बचाने की तरफ सरकार का कोई ध्यान नहीं है। पहले ही फील्ड स्टाफ की मंदी झेल रहे जिला खनन विभाग में सरकार को स्टाफ की तैनाती करनी चाहिए थी तो वहीं सरकार ने यहां तैनात इकलौते माइनिंग गार्ड का भी तबादला दूसरी जगह कर दिया है। अब जिले की किसी भी माइनिंग रेंज में एक भी माइनिंग गार्ड नियुक्त नहीं है। जिले में विभाग के पास सात माइनिंग गार्ड के पद खाली पड़े हुए हैं। इसके अलावा दो असिस्टेंट माइनिंग गार्ड और एक माइनिंग इंस्पेक्टर का पद खाली पड़ा हुआ है। इन पदों को भरने के लिए भाजपा सरकार हो या वर्तमान की कांग्रेस सरकार, किसी ने भी कोई कदम नहीं उठाए। यही कारण है कि जिले के नदी- नालों का सीना छलनी करने का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसे रोकने के लिए खनन विभाग के पास कोई भी फील्ड स्टाफ नहीं है।
जिले में एक खनन अधिकारी तैनात है जो एक महिला है। उनके अलावा फील्ड स्टाफ में सारे पद खाली पड़े हैं। कुछ दिन पहले तक एक माइनिंग गार्ड फील्ड स्टाफ के रूप में सेवाएं दे रहा था जो अपनी बीट के साथ अन्य बीटों में भी समय-समय पर दस्तक देकर अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करता रहता था लेकिन सरकार ने उन्हें भी दूसरे जिले में तबादला कर दिया है।
खनन विभाग में फील्ड स्टाफ खत्म हो चुका है। इसके बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। सरकार जल्द फील्ड स्टाफ की तैनाती कर सकती है। 0बिंदिया कुमारी, जिला खनन अधिकारी।