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चलने में असमर्थ बच्ची का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत होगा इलाज

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चंबा। आंगनबाड़ी केंद्र कसाकड़ा में स्वास्थ्य टीम ने चलने-फिरने में असमर्थ चार वर्षीय बच्ची को जांच करने के बाद इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर किया है। इस बच्ची का सारा इलाज राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मुफ्त किया जाएगा।
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अगर बच्ची को चंबा से इलाज के लिए टांडा या पीजीआई चंडीगढ़ भेजा जाता है, तो वहां पर भी उसका पूरा इलाज मुफ्त होगा। इसके लिए बच्ची को कार्यक्रम के तहत रेफर कार्ड जारी किया गया है। इसे दिखाने पर उसका इलाज प्राथमिकता और निशुल्क किया जाएगा। शनिवार को स्वास्थ्य टीम ने आंगनबाड़ी केंद्र कसाकड़ा में जाकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान चार वर्षीय बच्ची ऐसी मिली जो देखने में तो तंदुरुस्त थी लेकिन चलने-फिरने में असमर्थ थी। उसे जांच के बाद रेफर कार्ड देकर चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बाकी 26 बच्चों में खून की कमी समेत अन्य बीमारियों की जांच की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बच्चों की देखभाल करने के तरीके बताए गए।
कोरोना संक्रमण की वजह से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की जांच बंद थी। जब कोरोना का खतरा कम हुआ तो जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को इस कार्यक्रम को दोबारा से शुरू करने के आदेश दिए। जिले में 11 स्वास्थ्य मोबाइल टीमें जगह-जगह छोटे बच्चों के स्वास्थ्य जांच कर रही है। दो महीने पहले दोबारा से शुरू हुए इस कार्यक्रम के तहत जिले में 1,000 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जा चुकी है। इसमें एक दर्जन बच्चों को इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया है। ये बच्चे हृदय, हड्डी रोग और आंख, कान की बीमारी से ग्रसित हैं।
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दो साल पहले बच्चे के हृदय का हुआ था ऑपरेशन
चंबा में दो वर्ष पहले एक बच्चे का हृदय का ऑपरेशन इसी कार्यक्रम के तहत टांडा में मुफ्त किया गया था। स्वास्थ्य टीम ने बच्चे को स्वास्थ्य जांच के बाद कार्यक्रम का रेफर कार्ड दिया था। उसका टांडा में इलाज किया गया। अब बच्चा बिल्कुल स्वस्थ है।
गंभीर बीमार बच्चे का हो रहा मुफ्त इलाज
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जालम सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के छोटे बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इसमें जो बच्चा गंभीर रूप से बीमार होता है उसके इलाज की मुफ्त व्यवस्था की जा रही है।
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