चंबा। कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए पहले घरों से न निकलने वाले किशोर अब टीकाकरण के लिए स्वयं और माता-पिता सहित टीकाकरण केंद्रों में पहुंच रहे हैं। टीकाकरण करने मेें जुटे स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी किशोरों के उत्साह और जोश को देखकर उनका मनोबल बढ़ाने से पीछे नहीं रह रहे हैं। जिले में अब तक 12 से 14 आयु वर्ग के 16 हजार 858 से अधिक किशोर टीकाकरण करवा चुके हैं। ये किशोर अपने आसपड़ोस और अन्य युवाओं को टीकाकरण करवाने के लिए भी उत्साहित कर रहे हैं।
दूसरों को कर रहे प्रेरित : बेगम
अभिभावक शमशाद बेगम ने कहा कि उनकी बेटियां और भतीजा टीकाकरण करवाने के लिए काफी उत्सुक रहे। वे स्वयं टीकाकरण केंद्र में पहुंचे और वैक्सीन लगवाई। वे सहपाठियों और आसपड़ोस के युवाओं को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करते हैं।
बिना डरे लगवाई वैक्सीन : शेख
शाईसता शेख ने कहा कि उनके बेटों में टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार की झिझक या डर नहीं रहा। उनके साथ टीकाकरण करवाने के लिए वह टीकाकरण केंद्र पहुंचीं। यहां उनके बच्चों ने बिना डरे और झिझक कोरोना वैक्सीन लगवाई।
हमारी भी बनती है जिम्मेदारी : मोमिना
युवा मोमिना ने कहा कि महामारी में प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए लोगों को टीकाकरण के लिए जागरूक किया। हमारी भी ड्यूटी बनती है कि हम भी अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण करवा कर अपने आप को सुरक्षित करें।
कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित : रोहित
रोहित ने कहा कि कोरोना टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है। उनके परिवार के सभी सदस्य टीकाकरण करवा चुके हैं। ऐसे में वह इससे किस आधार पर पीछे रहते। अपने माता-पिता के साथ टीकाकरण केंद्र में पहुंचकर उन्होंने टीका लगवाया।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ज्योति सूर्या ने कहा कि कोविड का टीका रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। टीकाकरण के बाद किशोर अपने आप को स्ट्रांग महसूस करते हैं। इसके अलावा टीकाकरण न करवाने वालों में अक्सर बीमारी की हालत में इसका इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है।
बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पुरी ने कहा कि सभी वर्गों के टीकाकरण में सबसे अधिक टीकाकरण करवाने के लिए युवा आगे आए हैं।