स्वयं सहायता समूहों ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा।
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खंड विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही वनबंधु योजना का लाभ समान रूप से न मिलने से स्वयं सहायता समूहों ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान पल्यूर और रजिंड़ू पंचायत के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त बताया कि इस योजना के तहत बजट की कोई कमी नहीं है। बावजूद इसके योजना के तहत केवल चहेतों को ही विभिन्न तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भेजा जा रहा है। जबकि इस योजना के तहत गठित हुए अधिकतर स्वयं सहायता समूह तो महज कागजी खानापूर्ति ही बन कर रह गए हैं।
प्रतिनिधियों में से मेरदीन, रुस्तम, उमरदीन व शमाऊदीन ने उपायुक्त को बताया कि जब से उनके स्वयं सहायता समूह का गठन वनबंधु योजना के तहत हुआ है। तब से उन्हें इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ का एक प्रतिशत भी नहीं मिला है। जिसके चलते स्वयं सहायता समूह से जुड़े सदस्य अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस योजना के तहत कई ऐसी गतिविधियों को करवाया जाता है जिससे लोगों का आर्थिक विकास होने से समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के अवसर भी प्राप्त होते हैं।
लिहाजा प्रभावितों ने प्रशासन से मांग की है कि वनबंधु योजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों एक समान योजना का लाभ प्रदान किया जाए। उधर, उपायुक्त सुदेश कुमार मोख्टा ने खंड विकास अधिकारी चंबा को इस योजना के तहत उचित कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।