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Chamba News: 800 मरीजों के बीच जनऔषधि केंद्र तक पहुंच रहीं महज 100 ही पर्चियां

Sat, 10 Oct 2026 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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सिविल सप्लाई के स्टोर में दवाई लेने के लिए उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद।
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सस्ती दवाओं की योजना और मरीजों की खरीदारी में दिख रहा बड़ा अंतर
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निजी मेडिकल स्टोरों पर भीड़, सस्ती दवाओं के केंद्र में कम पहुंच रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 800 मरीज ओपीडी में उपचार करवाने पहुंचते हैं, लेकिन सस्ती दवाओं के लिए खोले गए जनऔषधि केंद्र में महज 100 पर्चियां ही पहुंच रही हैं।
दूसरी ओर, निजी मेडिकल स्टोरों और सिविल सप्लाई के स्टोर पर मरीजों की भीड़ नजर आती है। ऐसे में सवाल उठता है कि सस्ती जेनेरिक दवाओं का लाभ मरीजों तक अपेक्षित स्तर पर क्यों नहीं पहुंच रहा है।
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जनऔषधि केंद्र में 600 से अधिक प्रकार की सस्ती दवाएं उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। बावजूद इसके यहां पहुंचने वाली पर्चियों की कम संख्या कई सवाल खड़े करती है। क्या डॉक्टर मरीजों को जेनेरिक दवाएं लिख रहे हैं, क्या केंद्र में जरूरत की दवाएं उपलब्ध हैं या फिर मरीज जागरूकता के अभाव में यहां से दवाएं नहीं खरीद रहे हैं, इन सवालों का जवाब जानने के लिए चिकित्सकों की पर्चियों, दवाओं के स्टॉक और बिक्री के रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
हंसराज, केवल कुमार, चमन सिंह, देसराज, अजय कुमार, रवि कुमार, परस राम और जय सिंह ने कहा कि अस्पताल में सस्ती दवाओं के लिए केंद्र खोला गया है तो मरीजों को जरूरत की सभी दवाएं वहीं मिलनी चाहिए। यदि डॉक्टर दवाएं नहीं लिख रहे हैं तो प्रबंधन को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, मरीजों की रुचि कम है तो उन्हें जागरूक किया जाना चाहिए।
उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि मरीजों को जेनेरिक दवाएं लिखी जा रही हैं। कई बार मरीज खुद भी जनऔषधि केंद्र से दवाएं नहीं लेते। मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रबंधन हर संभव प्रयास कर रहा है।

जेनेरिक दवाई ब्रांडेड की तुलना में सस्ती होती है। गरीब लोगों को दवा खरीदने में नुकसान नहीं होता है। डॉक्टरों को ब्रांडेड के बजाय जेनेरिक दवाई ज्यादा लिखनी चाहिए। - करन कुमार

सरकार और प्रशासन को जनऔषधि केंद्र को चलाने के लिए ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, तभी सरकार की इस योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंच सकता है। - शम्मी कुमार
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भारत और केंद्र सरकार गरीब लोगों को सस्ती दवाई मुहैया करवाने के लिए यह योजना चला रहे हैं। इसे सफल बनाने के लिए पूरे प्रयास होने चाहिए। - भविंद्र कुमार
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