फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली पहुंचते ही धीरज को चूम कर मां ने लगाया गले

विज्ञापन
युक्रेन से लौट दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे चंबा चुराह के धीरज कुमार को गले लगाकर चूमतीं मां। - फोटो : Chamba
विज्ञापन
चंबा। बरसाना से सी-19 विशेष विमान के जरिये सुमी नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसे 180 एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के प्रशिक्षुओं का दल ऑपरेशन गंगा के तहत शुक्रवार सुबह छह बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। चुराह निवासी धीरज कुमार की मां ने अपने जिगर के टुकड़े को सकुशल देखकर उसका माथा चूमा और गले से लगा लिया। बेटे के भारत पहुंचने पर माता-पिता भावुक हो उठे। उन्होंने बेटे का मिष्ठान से मुंह मीठा करवाया। दिल्ली एयरपोर्ट से फोन कर धीरज कुमार ने अमर उजाला का विशेष आभार प्रकट किया। कहा कि 13 दिन तक सुमी में मौत के बीच फंसे 700 एमबीबीएस प्रशिक्षु जीने की चाह ही छोड़ चुके थे। युद्ध के आरंभ में वे अपनी जानें बचाने के लिए बंकरों में जाकर छिपे रहे। बंकरों में बिजली न होने पर भी वे मदद की आस लिए समय गुजारते रहे।
विज्ञापन

धीरे-धीरे उनके पास खाने का सामान और पीने के लिए पानी खत्म हो गया। उन्हें अपनी जान जोखिम में डाल कर वापिस अपने हॉस्टलों में जाकर पेट भरना पड़ा। कहा कि यूक्रेन के पश्चिम क्षेत्र में स्थित सुमी शहर में बर्फबारी से तापमान माइनस 5 डिग्री पहुंच गया। ऐसे में उन्हें बचने के लिए हॉस्टल में लौटना पड़ा। कई बार भारतीय और यूक्रेन दूतावास से मदद की गुहार लगाई गई। हर बार उन्हें शीघ्र मदद देने का आश्वासन दिया जाता रहा। सुमी में बदतर होते हालातों के बीच आश्वासन भी उन्हें छलावा ही लगने लगे। वे घर लौटने की आस ही खो चुके थे। ऐसे में भारत सरकार ने सुमी शहर में फंसे 700 प्रशिक्षुओं को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया और बड़ी आसानी से उन्हें वहां से बाहर निकाला। धीरज और उनके माता-पिता ने भारत सरकार, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें