बनीखेत (चंबा)। दिन बुधवार। स्थान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेल। समय सुबह 11:00 बजे। स्वास्थ्य केंद्र में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बेंच पर बैठा है। चिकित्सक की कुर्सी खाली पड़ी है।
डिस्पेंसरी में जहां मरीजों के स्वास्थ्य जांच के लिए डॉक्टर नहीं है, वहीं दवाई देने के लिए फार्मासिस्ट भी नहीं है। 11:15 बजे पवन कुमार अपनी बीमारी की दवाई लेने एक किलोमीटर दूर से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं। वह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को ही पर्ची दिखाकर दवाई देने की बात कह रहे हैं लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उन्हें दवाई देने से इनकार कर देता है। तर्क दिया जाता है कि फार्मासिस्ट और चिकित्सक के बिना वह दवाई नहीं दे सकता। मरीज वहां से निराश होकर लौट जाता है। 11:30 बजे पांच किलोमीटर दूर से पैदल चलकर संजीव कुमार वहां पहुंचते हैं। वह भी बिना दवाई लिए लौट जाते हैं। गौरतलब है कि इलाके के कुछ मरीज सिविल अस्पताल और मिलिट्री अस्पताल डलहौजी में स्वास्थ्य जांच करवाने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र मेल में दवाई लेने पहुंचते हैं लेकिन उन्हें दवाई नहीं मिल पाती है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य केंद्र मेल में दो माह से चिकित्सक का पद खाली पड़ा हुआ है। दो सालों से फार्मासिस्ट भी नहीं है। इसकी वजह से तीन पंचायतों के सैकड़ों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द चिकित्सक और फार्मासिस्ट की तैनाती की व्यवस्था की जाएगी।
मरीजों को हो रही परेशानी : सुनील
सुनील कुमार ने बताया कि सरकार ने दो माह पहले चिकित्सक का तबादला यहां से दूसरी जगह कर दिया लेकिन उसके स्थान पर अन्य चिकित्सक की तैनाती नहीं की। इसकी वजह से मरीज काफी परेशान हो रहे हैं।
मोरनू स्वास्थ्य उप केंद्र में ताला : सुकन्या
सुकन्या देवी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं को कोई स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल रही है। इसके अलावा मोरनू के स्वास्थ्य उप केंद्र में भी ताला लटका है। इसकी वजह से गर्भवती महिलाएं टीकाकरण के लिए 12 किलोमीटर दूर चूहण जा रही हैं।
स्वास्थ्य केंद्र का नहीं मिल रहा लाभ : संजीव
संजीव कुमार ने बताया कि जब भी मरीज स्वास्थ्य जांच या दवाई लेने के लिए स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचते हैं तो उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा अन्य कोई स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं मिलता। इसकी वजह से लोगों को इस स्वास्थ्य केंद्र का लाभ नहीं मिल रहा है।
जल्द तैनात किया जाए चिकित्सक : हैपी
हैपी कुमार ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने में असमर्थ है। इसका उदाहरण मेल पंचायत का स्वास्थ्य केंद्र है। सरकार को यहां जल्द चिकित्सक की तैनाती करनी चाहिए।