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किन्नौर जैसे चंबा में भी दरक सकते हैं पहाड़

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भरमौर डहड़सररोड पर गिरी चट्टानें। - फोटो : Chamba
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चंबा। किन्नौर में पहाड़ दरकने से हुई त्रासदी जैसे हालात चंबा में भी हो सकते हैं। जिले में सड़कों और जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए पहाड़ों को ब्लास्टिंग से तोड़ने के साथ ही जेसीबी से कटिंग की जा रही है। आलम यह है कि जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में ब्लास्टिंग से पहाड़ जर्जर हो चुके हैं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि कई बार साफ मौसम में भी पहाड़ दरक कर हादसों का रूप ले रहे हैं। भरमौर-पठानकोट एनएच पर दुनाली के पास करीब एक माह पहले पहाड़ दरकने से एक कार रावी में समा गई थी। तीन लोगों में से पिता-पुत्र का अभी तक सुराग तक नहीं लग पाया है। वर्ष 2019 में अंदरालपट्टा में भी पहाड़ी दरकने से पांच लोगों की मौत हुई थी।
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कुल मिलाकर जगह-जगह पहाड़ दकरने से जिले में अब तक दर्जन भर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जिले की बात की जाए तो खड़ामुख-होली, भरमौर-हडसर, चंबा-तीसा, चुवाड़ी-लाहडू, चंबा-खज्जियार, चंबा-सिल्लाघ्राट और चंबा-साहो मार्ग पर जगह-जगह पहाड़ियां दरकती रहती हैं। एडीएम अमित मैहरा ने कहा कि प्रशासन की ओर से बरसात के मौसम को देखते हुए बेवजह घरों से बाहर न निकलने की लोगों को सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही लोनिवि, एनएच प्रबंधन और जलविद्युत परियोजना प्रबंधकों को नियमों का पालन करते हुए ही कार्य करने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। कहा कि एनएच और लोनिवि को ब्लैक स्पॉटों सहित असुरक्षित स्थलों पर मशीनरी और लेबर तैनात करने के बारे में भी हिदायत दी गई है।
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