चंबा के डलहौजी में रामलीला मंचन में रावण के पात्र के दौरान कलाकार।संवाद
डलहौजी (चंबा)। डलहौजी के सदर बाजार स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मी नारायण मंदिर में रामलीला का भव्य मंचन शुरू हुआ। प्रथम दिवस की शुरुआत गणपति पूजा से हुई। इसके बाद प्रस्तुत पहले दृश्य में भगवान शिव-पार्वती संवाद दर्शाया गया, जिसमें माता पार्वती ने भगवान शिव से श्रीराम की लीलाओं और उनके जन्म का रहस्य पूछा। इसके उपरांत रावण, कुंभकर्ण और विभीषण की कठोर तपस्या का प्रसंग प्रस्तुत हुआ। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ब्रह्मा प्रकट हुए और तीनों को उनके अनुरूप वरदान प्रदान किए। वरदान पाने के बाद रावण ने साधु-संतों पर अत्याचार शुरू कर दिए और अपने दूतों को उन्हें अपनी पूजा करने का आदेश दिया। संतों के विरोध करने पर दूतों ने उनका संहार कर डाला।
इसके बाद रावण ने भगवान शिव की तपस्या कर ‘चंद्रहास’ तलवार वरदान स्वरूप प्राप्त की। प्रथम दिवस का मंचन आरती के साथ संपन्न हुआ। रामलीला मंचन देखने के लिए मंदिर प्रांगण और सदर बाजार क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व दर्शक उपस्थित रहे।