चंबा। जिले में एफआरए और एफसीए क्लीयरेंस की वजह से रुके पड़े विकासात्मक कार्यों को तीव्र गति मिलने वाली है। माननीय उच्च न्यायालय ने चंबा जिले से संबंधित करीब बीस योजनाओं को एफआरए क्लीयरेंस प्रदान की है।
अब संबंधित विभाग जोर-शोर से इन योजनाओं का निर्माण कार्य चला पाएंगे। इनमें हाइड्रो प्रोजेक्ट, सड़कें, विद्युत सब स्टेशन और स्कूल के साथ नदी के किनारे खनन शामिल हैं। इसके लिए संबंधित विभागों ने वन विभाग में एफआरए और एफसीए क्लीयरेंस के लिए आवेदन किया था। विभाग ने इन सभी केसों को माननीय उच्च न्यायालय में भेजा था, जहां उन्हें अनुमति मिल चुकी है। चुराह, चंबा, डलहौजी और भरमौर विस क्षेत्र में सबसे ज्यादा परियोजनाओं को अनुमति मिली है। इससे जिले में विकास कार्यों की गति तेज होगी। विभाग बिना किसी रोकटोक से परियोजनाओं का निर्माण कर पाएंगे।
चुराह के पुखरी में 132 केवी जीआई सब स्टेशन, सियुल खड्ड में खनन, बालू में ईवीम और वीवीपैट मशीनों को रखने के लिए वेयर हाउस, भरमौर में चीरचिंड हाइड्रो प्रोजेक्ट, डल्ली विद्युत सब स्टेशन, नकरोड़ पुलिस चौकी भवन, करियां-बैली-संगेड़ सड़क, बाड़ी देहरा सड़क, औरा लिंक रोड़, खडजौता तक सड़क, मैढ़ा से जखराल सड़क, मंगलेरा-भलोगी सड़क सहित अन्य कई विकासात्मक कार्यों को उच्च न्यायालय ने एफसीए क्लीयरेंस दी है। इसको लेकर न्यायालय की अधिसूचना संबंधित विभागों और वन विभाग के पास पहुंच चुकी है।
वनमंडलाधिकारी चंबा अमित शर्मा ने बताया कि उनके डिविजन में करीब आधा दर्जन निर्माण कार्यों को माननीय उच्च न्यायालय से एफसीए क्लीयरेंस मिली है। अब इन कार्यों को करवाने में संबंधित विभागों को कोई परेशानी नहीं होगी।