चंबा। दो सालों से पांगी में दिख रहे विलुप्त प्रजाति के बर्फानी तेंदुए की इस साल सर्दियों के दौरान लगाए ट्रैप कैमरों में कोई तस्वीर कैद नहीं हुई है। ऐसे में इस विलुप्त जानवर के चंबा के जंगलों से गायब होने को लेकर भी संशय पैदा हो गया है। बर्फबारी होने से पहले वन्य प्राणी विभाग ने पांगी के विभिन्न जंगलों में करीब 50 ट्रैप कैमरे लगाए थे। इन कैमरों के जरिये बर्फानी तेंदुए की संख्या की मतगणना और उनके वजूद का पता लगाया जाना था। कुछ दिन पहले जब विभाग ने जंगलों में लगाए गए कैमरे निकाले तो उसकी फुटेज खंगालने पर बर्फानी तेंदुए की एक भी तस्वीर नहीं मिली। इसके चलते वन्य प्राणी विभाग अब पांगी के दूसरे जंगलों में ट्रैप कैमरे लगाने की योजना बना रहा है जहां इस जानवर के होने की संभावना हो सकती है।
गौरतलब है कि पिछले साल सर्दियों का मौसम खत्म होने के बाद जब विभाग ने अपने ट्रैप कैमरे खंगाले थे तो उनमें चार-पांच बर्फानी तेंदुए की तस्वीरें मिली थीं। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि यह प्रजाति पांगी के जंगलों में फलफूल रही है। दो वर्ष पहले भी पांगी के जंगलों में एक बर्फानी तेंदुए की तस्वीर कैद हुई थी लेकिन इस बार लगाए गए कैमरों की तस्वीरों से यह जानवर गायब है। इसको लेकर वन्य प्राणी विभाग भी चिंतित है। विभाग के अधिकारी के मुताबिक यह जानवर एक से दूसरे स्थान पर विचरण करते रहते हैं। इसलिए जहां पहले उनके प्रमाण मिले थे, अब शायद वहां से ये जानवर दूसरी जगह चले गए हों। इसलिए इनकी तलाश करने के लिए अलग-अलग जंगलों में ट्रैप कैमरे लगाए जाने की जरूरत है।
वन्य प्राणी विभाग के वनमंडलाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि सर्दियां शुरू होने से पहले लगाए ट्रैप कैमरों में बर्फानी तेेेंदुए के प्रमाण नहीं मिले हैं। इस जानवर के संरक्षण को लेकर विभाग पुरजोर तरीके से प्रयास कर रहा है। अब दोबारा अन्य जंगलों में ट्रैप कैमरे लगाकर इस जानवर के अस्तित्व का पता लगाया जाएगा।