तीसा (चंबा)। रानीकोट सड़क हादसे के शिकार नौजवान बेटे और बहू की मौत से मां-बाप पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। बुजुर्ग मां देवी सिंह को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि फोन पर शाम तक पहुंचने की बात कहने वाला उनका बेटा सोनू और बहू अंजना अब सदा के लिए उनसे छिन गए हैं। पिता रामदयाल को यह समझ नहीं आ रहा है कि वह बेटे और बहू के शवों को कैसे कंधा देंगे।
मां देवी सिंह सुधबुध खो चुकी हैं। दुर्घटना की सूचना मिलने ही ग्रामीण घर पर पहुंच कर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। सोनू बद्दी (सोलन) में एक निजी कंपनी में कार्यरत था। एक सप्ताह पहले ही वह अपने घर लौटा था। एक वर्ष पहले अंजना के साथ शादी के बंधन में बंधा था। सोमवार को परिवार की सहमति लेकर पति-पत्नी एक दोस्त को साथ लेकर पांगी घूमने के लिए निकले। तीन दिन तक पांगी में घूमने के बाद वीरवार को दोपहर बाद सभी वापस घर को लौट रहे थे। घर आने से पहले सोनू ने पांगी से फोन कर माता-पिता को देरशाम तक घर पहुंचने की बात कही थी लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। रानीकोट के पास बारिश के कारण छाई धुंध में वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से मीलों नीचे खाई में गिर गया। इस हादसे में उनकी मौत हो गई।
चंबा-पांगी मार्ग पर साच पास के पास वाहन हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। साच पास के पास बीते रविवार को चट्टानें गिरने से बस, कैंटर, टैक्सी और पिकअप क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि नौ लोग घायल हो गए थे। इसके अगले दिन एक और वाहन दुर्घटना में तीन लोग घायल हो गए। ऐसे में अब रानीकोट के पास हुए कार हादसे में दंपति की मौत के साथ हादसों में मरने वालों की संख्या तीन पहुंच गई है।