चंबा। गुवाड़ पंचायत की 2,500 आबादी को मामूली बीमारी के इलाज के लिए भी 12 किलोमीटर दूर साहो जाना पड़ रहा है। पंचायत के भाला गांव में वर्ष 2010 में बनाई गई दवा डिस्पेंसरी का ताला आज दिन तक नहीं खुल पाया है। इसकी वजह से डिस्पेंसरी में लोगों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए थी वे उन्हें आज दिन तक नहीं मिल पाई हैं। मामूली बीमारी की दवाई लेने के लिए ग्रामीणों को 12 किलोमीटर का सफर करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहो की दौड़ लगानी पड़ रही है।
हालांकि, भाला में जब डिस्पेंसरी खोली गई थी तब लोगों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें मामूली बीमारी की दवाई लेने के लिए साहो नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों मनु कुमार, नील सिंह, अजय, राजेश कुमार, मीनू और राकेश कुमार ने बताया कि दवा डिस्पेंसरी के निर्माण पर पांच लाख खर्च किए गए हैं लेकिन इस धनराशि का सदुपयोग नहीं हो पाया है क्योंकि, भवन के निर्माण के उपरांत दरवाजे पर ताला लटका पड़ा है। कहा कि पंचायत की तरफ से वर्ष 2010 में इस भवन का निर्माण करवाया गया। ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीण हर बार डिस्पेंसरी को सुचारु करवाने की बात करते हैं। लेकिन बैठक के उपरांत इस मुद्दे पर कोई विचार या कार्रवाई नहीं की जाती। यही कारण है कि भवन होने के बावजूद भी लोगों को डिस्पेंसरी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर्मा ने बताया कि इस दिशा में जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।