विशेष न्यायाधीश चंबा अनुजा सूद की अदालत ने सुनाया फैसला
जुर्माना अदा न करने पर भुगतना होगा तीन माह का साधारण कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विशेष न्यायाधीश चंबा अनुजा सूद की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत चरस रखने के मामले में आरोपी लरजा राम पुत्र स्वर्गीय चुहडू निवासी ग्राम डियूर डाकघर किहार तहसील सलूणी जिला चंबा को दोषी करार दिया है।
अदालत ने उसे एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 20 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार 30 अक्तूबर 2020 को शाम करीब चार बजे किहार पुलिस की टीम ने डियूर क्षेत्र में आरोपी को जांच के दौरान पकड़ा था। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 672 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की जांच पुलिस अधिकारियों की टीम ने की। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोप साबित करने के लिए अदालत में 16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और बुधवार को सजा सुनाई। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से मामले की पैरवी लोक अभियोजक सह सहायक निदेशक अभियोजन नवीन कुमार ने की। अदालत के इस फैसले के बाद एनडीपीएस अधिनियम के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कब्जे के मामलों में अभियोजन की कार्रवाई एक बार फिर सामने आई है।