चंबा-तीसा मार्ग की निजी बस में बैठे यात्री।
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चंबा। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हों लेकिन, अभी तक पॉजिटिविटी रेट कम नहीं हुआ है। बावजूद इसके सरकारी और निजी बसों में पचास फीसदी यात्री क्षमता के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे न्यू बस स्टैंड चंबा से पुराना बस अड्डे के लिए रवाना हुई सरकारी बस में यात्री क्षमता से अधिक पाए गए।
हैरानी की बात तो यह है कि जिला मुख्यालय में अगर इस तरह की मनमानी का दौर जारी है तो ग्रामीण इलाकों में क्या स्थिति होगी? बहरहाल, अधिकारियों के सुस्त रवैये से कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने की संभावनाएं दिख रही हैं। वहीं, चंबा से भरमौर के लिए चली एक निजी बस में भी अव्यवस्था का आलम दिखा। भरमौर चौक में पहुंची बस में सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरी गई। चंद पैसों के लिए चालक और परिचालक जहां नियमों की अवहेलना कर रहे हैं तो वहीं, कोरोना की तीसरी लहर को भी न्योता दे रहे हैं। लोगों की लापरवाही से कोरोना का ग्राफ एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है।
गौरतलब है कि प्रशासन और अन्य विभागों ने कोरोना गाइडलाइन की अनुपालना के लिए आदेश तो जारी किए हैं लेकिन, ये आदेश धरातल पर लागू नहीं हो रहे हैं। किसी तरह की निगरानी न होने के कारण ऐसी अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। कुल मिलाकर बस चालकों और परिचालकों की मनमानी एक बड़े खतरे की ओर संकेत दे रही है।
एएसपी विनोद धीमान ने कहा कि बिना मास्क और यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर पुलिस शिकंजा कस रही है। कहा कि पुलिस विभाग ने मास्क न पहनने वालों से 16 से लेकर 22 जुलाई तक 285 चालान कर एक लाख 42 हजार रुपये की राशि वसूली है। कहा कि यातायात नियमों का भी पालन न करने वालों के पुलिस चालान कर रही है।
उपायुक्त डीसी राणा का कहना है कि सरकारी और निजी बसों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों को आदेश दिए गए है। कहा कि अगर लापरवाही बरती जा रही है तो संबंधित अधिकारियों को उन पर लगाम कसने के बारे में निर्देश जारी किए जाएंगे।