बनीखेत (चंबा)। जल शक्ति, राजस्व, बागवानी और सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मल निकासी की योजना से लाभान्वित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह बात उन्होंने बनीखेत में विधानसभा क्षेत्र डलहौजी के अंतर्गत लगभग आठ करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली एक निरीक्षण कुटीर और पांच विभिन्न पेयजल और सिंचाई योजनाओं के विधिवत शिलान्यास के उपरांत अपने संबोधन में कही।
उन्होंने कहा कि डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में गत साढ़े साल साल के कार्यकाल में विभिन्न पेयजल और सिंचाई योजनाओं पर करीब 300 करोड़ की धनराशि व्यय की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेयजल योजना डलहौजी शहर का सुधार एवं विस्तार कार्य के लिए 65 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने इस कार्य को तय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बनीखेत नाले के तटीकरण के लिए बाढ़ नियंत्रण योजना के तहत 25 लाख की धनराशि देने की भी घोषणा की। जल शक्ति मंत्री ने मुख्य अभियंता जल शक्ति विभाग धर्मशाला जोन को बनीखेत में निर्मित होने वाले निरीक्षण कुटीर में दो अतिरिक्त कमरों के साथ एक सम्मेलन कक्ष का प्रावधान करने के भी निर्देश दिए। जल शक्ति मंडल डलहौजी के अंतर्गत करीब दो करोड़ की लागत की निरीक्षण कुटीर भवन बनीखेत का निर्माण कार्य, लगभग दो करोड़ की लागत पर्वत धारा योजना के अंतर्गत जल स्रोतों का जीर्णोद्धार और जल संरक्षण कार्य और 70 लाख की लागत से निर्मित होने वाली बहाव सिंचाई योजना गोली जोकना के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया है। इसके अतिरिक्त जल शक्ति मंडल सलूणी के अंतर्गत 63.11 लाख से ग्राम पंचायत बाडका और सेरी की विभिन्न पेयजल योजनाओं का संवर्धन एवं पुन: निर्माण, 88.65 लाख से ग्राम पंचायत भांदल की विभिन्न पेयजल योजनाओं का संवर्धन एवं पुनर्निर्माण, 177.85 लाख से निर्मित होने वाली ग्राम पंचायत सनूह की विभिन्न पेयजल योजनाओं का संवर्धन एवं पुनर्निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। जल शक्ति मंत्री को जिला कृषि उपज मंडी समिति अध्यक्ष डीएस ठाकुर ने शॉल, टोपी और भलेई माता का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य सचेतक एवं भटियात विधायक बिक्रम सिंह जरयाल भी मौजूद रहे।