बनीखेत (चंबा)। शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने में असफल रहे युवक के जिंदा होने के मामले में अब गेंद प्रशासन-पुलिस विभाग के पाले में आकर गिरी है।
बीमा की राशि के चक्कर में रची गई इस साजिश का खामियाजा आमजन मानस, शासन-प्रशासन को उठाना पड़ा है। लिहाजा, अब देखना दिलचस्प रहेगा कि लापता युवक के मामले में पुलिस किस बीएनएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करती है या नहीं। 29 मई को भलेई-बनीखेत मार्ग पर चमेरा स्थल लापता युवक के परिजनों, पूरे घटनाक्रम से अनभिज्ञ ग्रामीणों ने तीन घंटे चक्का जाम किया। इस चक्का जाम ने जहां एनएचपीसी प्रबंधन की कार्यप्रणाली की पोल खोली, वहीं आम जनमानस को भी परेशानियां ही उठानी पड़ी। पुलिस अधीक्षक चंबा विजय सकलानी ने बताया कि लापता युवक को परिजन लेकर चौकी पहुंचे है। पुलिस युवक से पूरे घटनाक्रम की जानकारी एकत्रित कर रही है। संवाद