बिलासपुर। जिले में गर्मियों और बरसात में पेयजल स्कीमों के प्रभावित होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए जल शक्ति विभाग ने नवीनीकरण योग्य पुरानी स्कीमों के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। वहीं प्राकृतिक जलस्रोतों के सर्वे का कार्य भी शुरू कर दिया है।
जिले के कई गांवों के लिए पेयजल स्कीमें खड्डों और पुराने प्राकृतिक जलस्रोतों पर बनाई गई हैं। लेकिन कुछ पुरानी स्कीमों के नवीनीकरण की आवश्यकता है। इसके चलते विभाग ने कवायद तेज कर दी है। पुरानी स्कीमों को बदलने और मरम्मत करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर दिया है। स्कीमों की मरम्मत की जाएगी दूसरी स्कीम के साथ जोड़कर लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं विभाग ने प्राकृतिक जलस्रोतों का सर्वे भी शुरू कर दिया है। ताकि इनको सुरक्षित रखा जा सके। इससे पानी की किल्लत से लोगों को नहीं जूझना पड़ेगा।
सदर और नयनादेवी विस क्षेत्र की बात करें तो जल शक्ति विभाग की 151 स्कीमों द्वारा लोगों को शुद्ध जल पहुंचाया जा रहा है। वहीं नई स्कीमों पर भी विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि 2022 तक जिले के हर घर में नल से जल मिलने की सुविधा मिल जाएगी।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य ने कहा कि कुछ पुरानी स्कीमें जो नवीनीकरण योग्य हैं उनकी मरम्मत की जाएगी या फिर उन्हें दूसरी स्कीम से जोड़ा जाएगा। ताकि लोगों को पानी की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। प्राकृतिक जलस्रोतों के सर्वे का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।