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यूक्रेन से लौटी नेहा बोलीं, जान बची यही काफी

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यूक्रेन से लौटी घुमारवीं के जोल टिहरी गांव की नेहा ठाकुर से मिलने उसके घर पहुंचे तहसीलदार जय गोपा - फोटो : BILASPUR
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घुमारवीं (बिलासपुर)। यूक्रेन में फंसे बिलासपुर के बच्चे अब घर पहुंचने लगे हैं। कुठेड़ा पंचायत के गांव जोल पलाखी टिहरी की नेहा ठाकुर बुधवार को घर पहुंची। नेहा ने हिमाचल और भारत सरकार का आभार जताया। बताया कि वह बोकोबोनियना स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थी। आठ किलोमीटर पैदल चलकर और फिर बस में 12 घंटे का सफर कर रोमानिया बार्डर पार किया। वहां से फ्लाइट के माध्यम से दिल्ली पहुंचीं। एयरपोर्ट से हिमाचल भवन लाया गया और उसके बाद वोल्वो बस से घर तक पहुंचाया गया। बताया कि एमबीबीएस की पढ़ाई का अंतिम वर्ष था और तीन महीने बाद पेपर होने वाले थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जान बच गई यही काफी है।
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इसके अलावा जिले के 3 और बच्चे वापस आ रहे हैं। मलांगण गांव के दो भाई-बहन हिमांशु व गीतिका राणा पोलैंड बॉर्डर पहुंच गए हैं। घुमारवीं शहर के टिक्करी वार्ड के ध्रुव शर्मा भी रोमानिया बॉर्डर पहुंच गए हैं। तीनों के वीरवार रात को घर पहुंचने की उम्मीद है।
वहीं घुमारवीं शहर के वार्ड नंबर एक के आर्यन शर्मा सहित जिले के 4 छात्र यूक्रेन से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। आर्यन यूक्रेन के शहर खारकीव में फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास ने उन्हें वहां से पोलैंड या रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचने की एडवाइजरी जारी की है। लेकिन बिगड़ते हालात में वे निकल नहीं पा रहे हैं। इससे आर्यन के परिजन चिंतित हैं।
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