उपायुक्त एवं अध्यक्ष मंदिर न्यास शाहतलाई मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि शाहतलाई में 14 मार्च से 13 अप्रैल तक चलने वाला मेला हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।
मेले के दौरान सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले लंगरों और मोबाइल लंगरों के फैलाई जाने वाली गंदगी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त शुक्रवार को मेले के सफल आयोजन और तैयारियों को लेकर शाहतलाई के लोक निर्माण विश्राम गृह में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
उपायुक्त ने बताया कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सफाई व्यवस्था के लिए नगर पंचायत क्षेत्र को पांच सेक्टरों में बांटा जाएगा।
पांच कमेटियां बनाकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कमेटियों के ऊपर एक सेनिटेशन टीम का भी गठन किया जाएगा। सरायों की सफाई व्यवस्था देखने के लिए अलग से कमेटी का गठन होगा।
लंगर लगाने की अनुमति मंदिर न्यास द्वारा सभी औपचारिकताओं और शर्तों को पूरा करने के बाद ही दी जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छह स्थाई और 50 अस्थाई शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने नगर पंचायत को मंदिर क्षेत्र और इसके आसपास जगह-जगह पर डस्टबीन लगाने के निर्देश दिए हैं। मेले के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा लाए जाने वाले प्लास्टिक के लिफाफों और अन्य सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
मेले के दौरान कानून, परिवहन, बिजली, पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
मेले के प्रबंधों को देखने के लिए एसडीएम घुमारवीं को मेला अधिकारी और तहसीलदर झंडूता को सहायक मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने को पुलिस विभाग मेला ड्यूटी के दौरान पुलिस, होमगार्ड तथा महिला पुलिस को तैनात किया जाएगा।
उपायुक्त ने मेले के दौरान भिखारियों पर नकेल कसने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मेले के दौरान तलाई की सभी सरायों में ढोल और स्पीकरों जबकि बाजार में रेहड़ी और फड़ी लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तलाई मंदिर के पास चयनित स्थानों पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।