बिलासुपर। कीरतपुर नेरचौक अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में हुए बदलाव और भूमि अधिग्रहण से उत्पन्न विषयों पर फोरलेन विस्थापित और प्रभावित समिति ने मुहाल बलोह में बैठक की।
सेवानिवृत्त अध्यापक और ग्राम सुधार समिति के प्रधान बिशन सिंह चंदेल ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें मल्यावर के लोगों ने भी भाग लिया। भू-मालिकों ने आरओडब्ल्यू के अंदर बाहर हुए नुकसान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक ओर नेशनल हाईवे की मध्य लाइन को फिक्स न करते हुए राइट और लेफ्ट में जीपीएस कवाडीनेटस विद के एमएल फाइल के साथ बाउंड्री पिल्लरों में अंकित नहीं कर रही है।
वहीं दूसरी ओर भूमि अधिग्रहण में बरती अनियमितताओं पर प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। एसडीएम घुमारवीं ने अनियमितताओं पर उपायुक्त को संबंधित रिपोर्ट में वस्तु स्थिति से अवगत करवाया है। वहीं आरओडब्ल्यू के बाहर हुए नुकसान पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बैठक में लोगों ने मुहाल बलोह के खसरा नंबर 58/2 का हवाला देते हुए कहा कि उपरोक्त परियोजना में अधिग्रहित किए खसरा नंबर मौका पर तैयार ततिमाजात में 57 करूकान दर्ज कर दिए। जबकि मुसाबी में 37 करूकान ही दर्ज है जिसमें 20 करूकानो की भिन्नता पाई गई।
वहीं अन्य खसरा नंबरों के ततिमाजात में स्याही फैलाव की आड़ लेकर रिकॉर्ड पढ़ने योग्य नहीं है के बारे में रिपोर्ट दर्ज की है। इसकी जांच क्षेत्रीय अभिकरण रोहिण पटवार सर्कल मलयावर के पटवारी हलका ने की। तत्कालीन तहसीदार ने नियमानुसार पुष्टि की जा चुकी है। पटवारी की इस रिपोर्ट पर आज दिन तक कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने पटवारी के उस बयान का भी एतराज जताया जिसमें उन्होंने तहसीलदार को संबोधित पत्र में कहा है कि उपरोक्त मुहाल में अधिग्रहित भूमि के इंतकालों को एनएचएआई के कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा दर्ज और तस्दीक किया गया है। इसलिए अनियमितताओं की पुष्टि एनएचएआई के लिए भेजे जाना उचित है। ग्रामीणों ने कहा कि जब रिकॉर्ड पढ़ने योग्य ही नहीं था, तो इस रिकॉर्ड को संबंधित तहसील ने किस आधार पर पटवार सर्कल में लेकर रखा हुआ है। वहीं अब तक क्षेत्रीय अभिकरण ने इस गंभीर विषय के बारे में उच्चाधिकारियों को समयानुसार बताना क्यों उचित नहीं समझा।
उन्होंने उपायुक्त से ऐसे फील्ड कानूनगो और पटवारी की बदली कर इनकी जगह किसी दूसरे पटवारी, कानूनगो की नियुक्ति की मांग की है। बैठक में सोहन सिंह, अमर सिंह, प्रीतम सिंह, रूपलाल, मस्त राम, विजय कुमार, महेंद्र चंदेल, जोध सिंह, जगरनाथ, निखिल चंदेल, सीता राम, सुरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, बृजलाल, जगीर सिंह, जगरूप सिंह, सुभाष सिंह, जय सिंह, रत्न सिंह, राम सिंह, प्रेम सिंह समिति के सदस्य बुद्धि राम, बलदेव शर्मा, रत्न लाल, जगदीश राम और फोरलेन विस्थापित और प्रभावित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा बैठक में उपस्थित रहे।