बिलासपुर। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में 9 से 17 अगस्त तक श्रावण अष्टमी मेले आयोजित होंगे। उपायुक्त पंकज राय ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेलों में काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए नयनादेवी मंदिर आते हैं। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट या कोविड रोधी दोनों वैक्सीन का सर्टिफिकेट साथ लाना होगा। बिना प्रमाण पत्र या रिपोर्ट के हिमाचल की सीमा में किसी भी श्रद्धालु को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने दूसरों राज्यों से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि कोविड रोधी वैक्सीन सर्टिफिकेट या आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लाना सुनिश्चित करें। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का पालन करना होगा। यदि मास्क नहीं होगा तो दर्शन करने का मौका भी नहीं मिलेगा।
मंदिर परिसर में सामुदायिक रसोई और लंगर का आयोजन नहीं किया जाएगा। मंदिर में कोई भजन, कीर्तन, सत्संग, भागवत या अन्य धार्मिक सभा की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त मेले के दौरान मंदिर परिसर में प्रसाद चढ़ाने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने बताया कि दुकानदार दुकान के बाहर सामान नहीं रखेंगे। उल्लंघन करने वालों की दुकानें तीन दिन तक बंद रखी जाएंगी। दुकानदार नो मास्क नो सर्विस का सख्ती से पालन करें और दुकानों के बाहर व अंदर नो मास्क नो सर्विस का पोस्टर लगाएं। श्री नयना देवी जी नगर परिषद क्षेत्र और घवांडल क्षेत्र तक कोई भी अस्थायी दुकान नहीं लगेगी। सफाई कर्मचारी दिन में तीन बार क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित करेंगे। समस्त कर्मचारी व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। मंदिर में लाउड स्पीकर और ढोल-नगाड़े तथा बैंड बाजे आदि के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।