बिलासपुर। कोठीपुरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चार प्रशिक्षु चिकित्सकों के खिलाफ सदर थाना में एम्स कैंटीन के कर्मचारी के साथ मारपीट करने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। अभी तक मारपीट करने वाले आरोपियों के नाम सामने नहीं आए हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात को प्रशिक्षु चिकित्सक एम्स की कैंटीन में खाना खाने आए। प्रशिक्षुओं ने कैंटीन के कर्मचारी नरेश कुमार से अपने रूम में ले जाने के लिए खाली प्लेट मांगी। कर्मचारी ने यह कहकर मना कर दिया कि रूम में प्लेट ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके बाद कैंटीन कर्मचारी और प्रशिक्षु चिकित्सकों के बीच बहस के बाद मारपीट हो गई। मारपीट में कैंटीन कर्मचारी घायल हुआ है। कैंटीन परिसर में खड़ी दो कारों के शीशे भी टूटे हैं। कैंटीन कर्मचारी को मारपीट के बाद सुरक्षा कर्मी अस्पताल लेकर आए। शिकायत पर सदर थाने में एम्स के चार प्रशिक्षु चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
वहीं एम्स के प्रशिक्षु चिकित्सकों का कहना है कि लड़ाई पहले कैंटीन कर्मचारी ने शुरू की थी। कहा कि पहले कैंटीन कर्मचारी और उसके साथियों ने प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ मारपीट की। इसके बाद लड़ाई हुई। हालांकि अभी तक इस मामले में प्रशिक्षु डॉक्टरों की तरफ से कोई केस दर्ज नहीं करवाया गया है।
डीएसपी अनिल ठाकुर ने कहा कि साई फरड़ा का नरेश कुमार एम्स की कैंटीन में काम करता है। शुक्रवार देर रात को एम्स के प्रशिक्षुओं और कैंटीन कर्मचारी में मारपीट हुई। एम्स के चार प्रशिक्षु चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।