बरठीं (बिलासपुर)। चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर हरिंदर कुमार चौधरी ने कहा कि कृषि-बागवानी, फूल और जड़ी-बूटी उत्पादन में स्वरोजगार के बेहतर विकल्प हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि इस क्षेत्र में अवसरों को तलाश कर स्वरोजगार के विकल्पों को भुनाए। प्रोफेसर चौधरी फूल उत्पादक सुनील कुमार के ग्रीन हाउस का निरीक्षण कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सुनील की पहल की सराहना करते हुए ग्रीन हाउस में उत्पादित फूलों की पहली फसल को तोड़ कर उनके व्यवसाय का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिक हर समय किसानों व बागवानों की फसलों संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते हैं, ताकि उनका कोई नुकसान न हो। कहा कि उद्यान विभाग हिमाचल प्रदेश की पुष्प क्रांति योजना किसानों एवं बागवानों के लिए कारगार साबित हो रही है। इसी योजना के तहत और गांव के प्रगतिशील बागवान सुनील कुमार की ग्रीन हाउस में लहलहा रही कारनेशन फूल की खेती सबको अपनी ओर आकर्षित कर रही है। प्रगतिशील बागवान सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने उद्यान विभाग की पुष्प क्रांति योजना का लाभ उठाते हुए कारनेशन फूल का उत्पादन किया है। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के प्रभारी डॉक्टर सुमन कुमार, मीना कुमारी, डॉक्टर गौरव, डॉक्टर मनप्रीत, डॉक्टर दीक्षा तनोत्रा सहित अन्य उपस्थित रहे।