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बेज बोर्ड सेटलमेंट रेट पर नहीं बन पाई एसीसी प्रबंधन और मजूदरों की सहमति

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बरमाणा(बिलासपुर)। बरमाणा में एसीसी सीमेंट कंपनी के पैकिंग प्लांट मजदूरों और एसीसी प्रबंधन में सीमेंट लोडिंग के रेट को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। मजदूरों ने रेट कम करने को लेकर 5 और 6 जुलाई को धरना-प्रदर्शन कर प्लांट का काम बंद कर दिया था।10 दिन बाद हुई बैठक में मजदूरों की समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पाया है। मजूदरों का कहना है कि अगर वेज बोर्ड सेटलमेंट के अनुसार उन्हें लोडिंग रेट नहीं देती है तो वह कोर्ट जाने के लिए बाध्य होंगे।
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उल्लेखनीय है कि एसीसी सीमेंट कंपनी ने पैकिंग प्लांट में लोडिंग का काम कर रहे लगभग 220 मजदूरों के वेतन में कटौती की थी। जिसके बाद मजूदरों ने धरना-प्रदर्शन और काम बंद कर धरना प्रदर्शन किया, लेकिन कंपनी ने मजदूरों को आश्वस्त किया था कि वह दस दिन के अंदर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। वहीं हॉल ही में इस मुद्दे पर हुई कंपनी प्रबंधन और मजदूरों की बैठक में लोडिंग रेट पर सहमति नहीं बन पाई। बैठक में मौजूद मजदूर नेता इंद्र देव और कमेटी के अन्य सदस्यों ने कहा कि कंपनी बेज बोर्ड के अनुसार लोडिंग रेट देने को तैयार है। कहा कि पहले 13.64 पैसे में एक मजदूर 90 टन सीमेंट लोड करता था।
लेकिन कंपनी का कहना है कि इसी रेट में अब एक मजदूर को 135 टन सीमेंट लोड़ करना पड़ेगा। मजदूरों का कहना है कि अगर वो इस रेट में 135 टन सीमेंट लोड़ करते हैं तो मजदूरों का घाटा होगा। एक मजदूर जो 45 टन अधिक सीमेंट लोड़ करेगा कंपनी उसे उसके पैसे नहीं देगी। जिससे उन्हें नुकसान होगा और जो वेतन में कटौती हुई है उसी के अनुसार काम करना पड़ेगा। पैकिंग प्लांट की पांच सदस्यीय कमेटी के देवी राम, राकेश कुमार, रत्न लाल, संतोख सिंह ने बताया कि अगर कंपनी 135 टन सीमेंट हर मजदूर से पैक करवाना चाहती है तो उसे 135 टन के ही पैसे देने होंगे। जिस पर कंपनी और मजदूरों में कोई सहमति नहीं बन पाई। मजदूरों का कहना है कि वो जल्द ही वेज बोर्ड सेटलमेंट के मुद्दे को लेकर कोर्ट जाएंगे। ताकि मजदूरों को पूरा वेतन मिल सके।
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