क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों को गोल्डन ऑवर के बारे में दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को अभियान के तहत सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश कौशल ने बिलासपुर के लोहार घाट स्कूल के छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके बाद ऑटो यूनियन बिलासपुर को भी सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को सड़क दुर्घटना के बाद एक घंटे अर्थात गोल्डन ऑवर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कौशल ने कहा कि हादसा होने के बाद अगले एक घंटे के अंदर मरीज को सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की उम्मीद काफी ज्यादा हो जाती है। हादसे के बाद के पहले एक घंटे को ही गोल्डन ऑवर कहा जाता है।
दुर्घटना में घायल होने के बाद कई बार घायल के शरीर से काफी ज्यादा खून बह जाता है। जान बचाने के लिए खून को रोकना काफी जरूरी हो जाता है। वहीं कुछ मामलों में हादसे के बाद कुछ लोगों को शॉक लग जाता है। ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक आने का खतरा ज्यादा हो जाता है। हार्ट अटैक के दौरान रक्त संचार अवरुद्ध होने से भी हृदय की गति प्रभावित होकर बिगड़ जाती है। इस स्थिति में अगले कुछ मिनट का समय बेहद कीमती होता है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को दुर्घटना के कारण लोगों की मदद करने और जल्द से जल्द स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करने की अपील की।
बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में प्रत्येक वर्ष हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसकी मुख्य वजह मानवीय भूल के साथ मानवीय लापरवाही भी है। आमजन को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की ओर से एक विशेष जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। 20 से 30 नवंबर तक चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य निकट भविष्य में सड़क दुघर्टनाओं में कमी लाना है।