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जिला कार्यकारिणी भंग करने पर कांग्रेस में बगावत

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बिलासपुर में प्रेस वार्ता करते कांग्रेस पार्टी के पूर्व पदाधिकारी और कार्यकर्ता। - फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। जिले में 2018 के बाद तीन बार कांग्रेस कार्यकारिणी भंग हो चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष और जिला अध्यक्ष के फैसले पर सवाल उठाए हैं। कहा कि कुछ दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बिलासपुर कमेटी कार्यकारिणी को भंग करने के आदेश जारी किए। इसके बाद कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आई है। एक तरफ कांग्रेस जिला अध्यक्ष हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस से वर्षों से जुड़े कार्यकर्ता।
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मंगलवार को कांग्रेस के पूर्व जिला महासचिव संदीप सांख्यान ने कहा कि जिला अध्यक्ष अंजना धीमान ने कमेटी भंग करने का प्रस्ताव भेजा और प्रदेशाध्यक्ष ने जिले के बड़े नेताओं से विचार-विमर्श किए बिना ही कार्यकारिणी भंग करने के आदेश जारी कर दिए। कहा कि सूचना है कि जिलाध्यक्ष ने प्रस्ताव में लिखा था कि कार्यकारिणी में सक्रिय सदस्य नहीं हैं। कहा कि कार्यकारिणी बनने के बाद मुश्किल से दो या तीन बार बैठक हुई है। पदाधिकारियों को एक बार ही सूचित किया गया। प्रदेशाध्यक्ष ने कमेटी भंग करने से पहले किसी से विचार-विमर्श नहीं किया।
वहीं इंटक के प्रदेश उपाध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष और जिलाध्यक्ष ने अलौकतांत्रिक तरीके से 147 सदस्यीय कार्यकारिणी को भंग किया है। प्रत्येक कार्यकर्ता ईमानदारी से पार्टी के लिए कार्य कर रहा है। ऐसे में कमेटी को भंग करना जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। वहीं पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा ने कहा कि जिले में कई काबिल चेहरे हैं जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जिले में भाजपा को कड़ी टक्कर देने की हिम्मत रखते हैं। उनमें से किसी एक को जिलाध्यक्ष का जिम्मा सौंपा जाना चाहिए। इसके अलावा दिनेश भूट्टो, सुनीता धीमान ने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष अंजना धीमान ने किसी और के नाम से फर्जी प्रेस नोट रिलीज करवाकर उन्हें पार्टी से बाहर करने की बात कही। सभी नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर से मांग की है कि जिलाध्यक्ष को उनके पद से हटाकर किसी अन्य को कार्यभार सौंपा जाए।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष के आदेश के बाद जिला कार्यकारिणी भंग की गई है। नई कार्यकारिणी में पुरानी कार्यकारिणी के लोगों को भी शामिल किया जाएगा। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो वह प्रदेशाध्यक्ष से बात कर सकता है।
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