बिलासपुर। कोरोना ने हर क्षेत्र पर अपना बुरा प्रभाव डाला है, लेकिन कुछ क्षेत्रों पर अच्छा असर रहा है। कोरोना ने जिले में ऑक्सीजन व्यवस्था को दुरुस्त किया है। इसके चलते अब जिले के पीएचसी, सीएचसी सहित सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मौजूद हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में 330 कंसंट्रेटर हैं।
कोरोना की पहली लहर में लोगों में डर का माहौल रहा। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी ने अपना प्रभाव डाला। इसके बाद सरकार ने जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखा। ग्रामीण क्षेत्रों में बने पीएचसी व एचएचसी के लिए ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को समाजसेवियों ने कंसंट्रेटर भेंट किए। वहीं विभाग की तरफ से भी कंसंट्रेटर उपलब्ध करवाए गए। विभाग ने इन कसंट्रेटरों को हेल्थ वेलनेस सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिले के अस्पतालों में उपलब्ध करवाया ताकि अगर आपात स्थिति में किसी को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी है तो लोगों को घर के नजदीक सुविधा मिल सके।
कोट्स
जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित : प्रवीण चौधरी
सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि कोरोना के दौरान सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया गया है। जिले के दो अस्पतालों बिलासपुर और घुमारवीं में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं, जबकि स्वारघाट में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। वहीं 330 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर हैं, जिन्हें हर पीएचसी, सीएचसी सहित जिले के सभी अस्पतालों को उपलब्ध करवाया गया है।
कोट्स
टीकाकरण अभियान जारी, सुधरे हालात : डॉ. संजीव वर्मा
एमएस डॉक्टर संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने हालातों को बिगाड़ा था, लेकिन अब स्थिति सामान्य है। अस्पताल में ऑक्सीजन को लेकर पूरी व्यवस्था है। कहा कि टीकाकरण का अभियान जारी है। इसके कारण हालत बहुत ज्यादा सुधरे हैं।