बिलासपुर। कोरोना काल के बाद विद्यालयों में रौनक लौट आई है। ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अब परीक्षा देने के लिए स्कूल आ रहे हैं। शिक्षक और अभिभावक बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बना रहे हैं ताकि कोरोना काल के दौरान प्रभावित शिक्षा की भरपाई की जा सके। ऐसे में शिक्षक और अभिभावक बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाकर उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं।
अभिभावकों का कहना है कि कोरोना काल में बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई की। बच्चे पूरा दिन घर पर ही रहे। इस दौरान बच्चों पर पूरी निगरानी रखी। बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं बच्चों ने भी घर में रहकर पढ़ाई से संबंधित समस्याएं बताईं। इनका समाधान किया गया। बच्चों से विषय पर चर्चा होती रही। शिक्षकों ने भी बच्चों को पढ़ाई में जो भी समस्याएं आईं उनका हल निकाला। बच्चों को घर में भी कोई समस्या आती थी, तो शिक्षक से फोन पर बात कर लेते थे। इससे बच्चों और शिक्षकों के बीच अच्छे संबंध बने और उनका रुझान पढ़ाई की ओर ज्यादा बढ़ा। शिक्षकों ने बच्चों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के टिप्स दिए।
क्या कहते हैं शिक्षक और अभिभावक
बच्चों को पढ़ाई के लिए किया प्रेरित : नरेंद्र
नरेंद्र चंदेल ने कहा कि कोरोनाकाल में बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। घर पर ही बच्चों को अच्छा माहौल दिया गया। इससे बच्चों की पढ़ाई हो पाई। परीक्षाओं को लेकर बच्चों ने पूरी मेहनत की है।
इंटरनेट की रफ्तार धीमी होने से पढ़ाई में हुआ व्यवधान : वासुदेव
वासुदेव ने कहा कि इंटरनेट की रफ्तार धीमी होने से कई बार पढ़ाई में व्यवधान हुआ। बच्चों की समस्याओं को दूर कर उनकी परीक्षा की तैयारी को रुकने नहीं दिया। घर में स्कूल जैसा माहौल देने का प्रयास किया।
परीक्षा को लेकर बच्चों की तैयारी अच्छी : सोनू
सोनू कुमार ने कहा कि घर पर रहने से बच्चों की पढ़ाई के साथ अच्छी देखरेख भी हो पाई। बच्चों ने परीक्षा को लेकर अच्छी तैयारी की है। उम्मीद है कि बच्चे परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
समस्याओं के समाधान पर दिया विशेष ध्यान : सुदेश
शिक्षक सुदेश ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों को आ रही समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिस विषय में उन्हें समस्या आई उसको फिर से अच्छे से समझाया गया है। परीक्षा से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई है।
कोरोना काल से पढ़ने का तरीका पूरी तरह से बदल गया : राजू
शिक्षक राजू ने बताया कि कोरोना काल से पढ़ने का तरीका पूरी तरह से बदल गया। ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों के लिए नया माध्यम है। बच्चों की पढ़ाई में शिक्षकों ने कोई कमी नहीं छोड़ी है। उन्हें परीक्षा से संबंधित टिप्स भी दिए हैं।
कोट्स
स्कूल में आकर काफी खुश नजर आते हैं बच्चे : हरचरण
शिक्षक हरचरण सिंह ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के बाद बच्चे ऑफलाइन कक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं थे। विद्यालय प्रशासन ने बच्चों को मानसिक रूप से तैयार किया। अब बच्चे स्कूल में आकर काफी खुश नजर आते हैं।