बिलासपुर। जिले के मजारी में खुले गेहूं खरीद केंद्र में किसानों का रुझान फिलहाल कम दिख रहा है। करीब ढाई हफ्ते पहले श्री नयना देवी जी के मजारी में इस केंद्र को शुरू किया गया था। अब तक केंद्र में महज 179 क्विंटल फसल ही पहुंची है। विभाग ने इस सीजन केंद्र में 10,000 क्विंटल फसल को खरीदने का लक्ष्य रखा है। अभी आंकड़ा लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंचा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में 7,000 क्विंटल के करीब गेहूं का उत्पादन हुआ है। केंद्र में फसल नहीं पहुंचने का सबसे बड़ा कारण यह बताया जा रहा कि पंजाब के कारोबार किसानों के घर आकर गेहूं खरीद कर रहे हैं। गेहूं की फसल जिले के बरठीं, तलाई, घुमारवीं और सदर के पंजगाईं, बरमाणा और मार्कंडेय में अधिक होती है। इन क्षेत्रों के किसानों को मजारी मंडी जाने के लिए 70 से 100 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इधर, किसानों से पंजाब के व्यापारी घर-द्वार फसल खरीद रहे हैं। प्रदेश में प्रति क्विंटल गेहूं के दाम 2,015 रुपये हैं। पंजाब सरकार तय कीमतों के अलावा किसानों को बोनस के तौर पर पांच सौ रुपये ज्यादा दे रही है। इसी कारण किसान अनाज मंडी मजारी से किनारा कर रहे हैं। मंडी में न के बराबर फसल पहुंची है।
सरकार ने इस केंद्र पर इस साल 10,000 क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन विभाग के अनुसार जिले में 7,000 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है। इससे तय है कि लक्ष्य तक नहीं पहुंचा जा सकता। किसान भी केंद्र पर फसल बेचने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। कृषि उपज मंडी के सचिव संदीप गौतम ने बताया कि अभी तक केंद्र पर 179 क्विंटल गेहूं पहुंचा है। भविष्य में यह आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है।