-चैत्र मेलों के बाद भी पूरा साल शनिवार और रविवार को मंदिर में दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। उतर भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल और बाबा बालक नाथ की तपोभूमि शाहतलाई में रविवार को भक्तों की खूब चहल पहल रही। मंदिर में शनिवार शाम से ही श्रद्धालु बाबा बालक नाथ की धार्मिक नगरी में पहुंचना शुरू हो गए थे।
रविवार को करीब 15 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा जी के दरबार में शीश झुकाया। सुबह 4 बजे मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह से शाम तक क्षेत्र का माहौल भक्तिमय रहा। श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे। बाबा जी की धार्मिक नगरी में पूरे साल भर हिमाचल सहित पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और विदेशों से लाखों की संख्या में लोग बाबा के चरणों में शीश झुका कर मन्नत मांगते हैं। मंदिर प्रभारी विजय ठाकुर ने बताया कि रविवार सुबह से ही तपोस्थली मंदिरों में खूब भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु लाइन में खड़े होकर बाबा जी के जयकारे लगाते हुए और भजन कीर्तन करते हुए बारी-बारी से बाबा जी के चरणों में शीश झुकाते रहे। उन्होंने बताया कि चैत्र मेलों के बाद भी पूरा साल शनिवार और रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आते है। इसके चलते मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए इस साल से पूरे साल लंगर की व्यवस्था की गई है।