यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के गांव रतनगढ़ (नंदपुरा) में दो काम कर रहे मजदूरों को तेंदुआ व उनके बच्चे दिखाई दिए हैं। मौके पर पहुंची वन्य प्राणी विभाग की टीमों ने पंजों के मिले निशानों का तेंदुआ का बताया है।
हरियाणा के यमुनानगर के गांव रतनगढ़ (नंदपुरा) में दो तेंदुआ व उनके दो शावक खेतों में काम कर रहे मजदूरों को दिखाई दिए। जबकि दो दिन पहले यही तेंदुआ जिले के साथ लगते इंद्री के क्षेत्र में दिखाई दिए थे। लेकिन रतनगढ़ में दोनों तेंदुआ के पंजों के निशान भी दिखाई दिए हैं।
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उधर एरिया में तेंदुआ दिखाई देने से क्षेत्र के गांवों मे भय का माहौल बना हुआ है। भय के चलते किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। गांव रतनगढ़ व साथ लगते कुंजल, धौडंग गांवों में सबसे ज्यादा भय का माहौल बना हुआ है।
सूचना मिलते ही वन्य प्राणी विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम की ओर से ग्रामीणों को जंगली जानवर को लेकर कुछ फोटो दिखाए गए। ग्रामीणों ने तेंदुआ की पहचान की। जिस पर विभाग की ओर से तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने की बात कही गई।
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खेतों में इस तरह से दिखाई दिए तेंदुआ
गांव रतनगढ़ निवासी रिंकू कांबोज ने बताया कि शिवकुमार खेतों में घास काट रहा था। इस दौरान उसने खेतों के कच्चे रास्ते से एक तेंदुआ को उसकी ओर आते देखा। जिस पर शिवकुमार ने शोर मचाया तो तेंदुआ धान के खेत में घुस गया। इस बारे में शिव कुमार ने उसे फोन करके मामले की जानकारी दी।
वहीं शाम के समय गांव के बंटी ने खेतों में काम करते समय दो तेंदुआ व उनके साथ उनके दो शावक देखे। जिसके बारे में उसने ग्रामीणों को फोन पर सूचना दी। इसी तरह से सुलेख चंद कांबोज ने बताया कि शाम के समय तेंदुआ खेतों में किसानों को दिखाई दे रहा है। यहां तक कि खेतों में पानी की हौदी के पास तेंदुआ के पैरों के बड़े बड़े निशान भी दिखाई दिए हैं। तेंदुआ के डर के मारे किसान खेतों में जाने से डर रहे है।