हरियाणा के यमुनानगर के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की अवैध बिक्री का खेल लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। यह शराब कैसे हैं, कहां बनाई जा रही है, इसकी कोई जानकारी न तो पीने वालों को है और न पुलिस प्रशासन को। नतीजतन शराब का सेवन करने के बाद छह लोगों की जान चली गई। ग्रामीण भी इस बात से नाराज हैं कि पुलिस ऐसे लोगों से सख्ती से नहीं निपट रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल दुकानों पर ही नहीं बल्कि कई घरों में भी शराब अवैध रूप से बिक रही है। साथ ही अन्य नशा भी यहां बड़े स्तर पर बेचा जा रहा है। अवैध रूप से शराब बेचने का काम करने वाले विभिन्न जगहों से शराब लेकर आते हैं। कुछ लोगों के पास तो ठेकेदार अपनी गाड़ी से ही शराब की पेटियां गांव में अपने गुर्गों तक पहुंचा जाते हैं। गुर्गे इसे आगे अवैध रूप से बेचते हैं। इसकी एवज में शराब बेचने वालों को प्रति बोतल के हिसाब से मोटा कमीशन भी दिया जाता है।
मंडेबरी गांव निवासी लक्की, अनिल, सुरेंद्र, मनोज व सतपाल ने बताया कि अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप में जिन लोगों को पुलिस पकड़ती है, वे कुछ ही दिन बाद छूट जाते हैं और फिर इस धंधे में जुट जाते हैं। सूचना देने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती, उल्टा शिकायत करने वालों के नाम शराब बेचने वालों को बता दिए जाते हैं। बाद में अवैध रूप से शराब बेचने वाले उन्हें धमकाते हैं। लोगों के अनुसार सभी मृतक मेहनत मजदूरी करने वाले थे और शाम को वे अपने काम से लौटकर घर आते समय शराब खरीद कर पी लेते थे।
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन भी इस घटना से स्तब्ध है। एसपी ने अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ धरपकड़ के निर्देश दिए हैं। स्थानीय पुलिस की टीमें इसके लिए जुट चुकी हैं। पुलिस ने एक मृतक का बिसरा ले लिया है। जिसकी रिपोर्ट जांच के लिए भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस इस बात की पुष्टि करना चाहती है कि क्या वाकई मरने वालों की जान जहरीली शराब के सेवन से ही हुई है।
आज होगा छठे मृतक विशाल का संस्कार
पंजेटो का माजरा गांव के श्मशान घाट में पहली बार एक साथ पांच लोगों की चिताएं जलीं। मंडेबरी व पंजेटो का माजरा दोनों साथ-साथ सटे हैं। इसलिए दोनों का श्मशान घाट भी एक ही है। बुधवार को हालात ऐसे हो गए कि एक व्यक्ति का श्मशान घाट में अंतिम संस्कार करके आए नहीं की एक के बाद एक छह लोगों की मौत की खबर आती चली गईं। श्मशान घाट में जब शाम को पांच चिताएं जलती देखीं तो लोग उस तरफ जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। मृतक विशाल का अंतिम संस्कार वीरवार को होगा। मंडेबरी के 28 वर्षीय प्रिंस और विपिन का उपचार एमएम कॉलेज मुलाना में चल रहा है।
पेट में हुआ दर्द और उल्टी के बाद तोड़ते गए दम
मंडेबरी के राकेश ने बताया कि उसका भाई 30 वर्षीय सोनू मजदूरी करता था। उसके पास तीन व दो साल की बेटियां हैं। मंगलवार रात वह ठीकठाक सोया था। बुधवार तड़के तीन बजे उसे अचानक उल्टी हुई। पेट में बहुत तेज दर्द हुआ। वह उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। आराम नहीं होने पर उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती किया गया। सुबह साढ़े छह बजे वह उसके पास चाय लेकर गया था तो सोनू ने उससे कहा कि वह अब पहले से ठीक महसूस कर रहा है मगर जैसे ही वह घर लौटा तो रास्ते में ही सोनू की मौत की खबर आ गई।
मंडेबरी के सतपाल ने बताया कि 45 वर्षीय सुरेश हलवाई का काम करता था। मंडेबरी में एक परिवार में शादी थी। मंगलवार को वह उनके घर शादी की मिठाई बनाकर आया था। मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे उसकी तबीयत खराब हो गई। उसे भी उल्टी लगी थी। रात करीब दो बजे उसकी मौत हो गई। इसी तरह सुरेंद्र मजदूरी करता था। मंगलवार शाम करीब सात बजे उसकी तबीयत खराब हो गई। थोड़ी देर में उसे उल्टी हुई। रात करीब ढाई बजे उसकी मौत हो गई। विशाल रेलवे वर्कशॉप का ठेकेदार है। बुधवार शाम करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई।
मौत से गांव में पसरा सन्नाटा
छह लोगों की मौत के बाद मंडेबरी व पंजेटो का माजरा में मातम का माहौल है। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग कभी एक परिवार तो कभी दूसरे के यहां मृतकों की मौत का शोक जताने पहुंच रहे हैं। इस वक्त लोग यहां एक डर के साये में हैं। गांव वालों का कहना है इस प्रकार का हादसा गांव में पहली बार हुआ है। छह मौतों से पूरे गांव में मातम है। किसी के घर भी चूल्हा नहीं जला। गांव की गलियां भी सुनसान पड़ी रहीं। ग्रामीणों का कहना है उनके गांव के आसपास जितने भी शराब के ठेके हैं वे सब बंद होने चाहिए।