संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की चरमराई सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कर्मचारियों के पास न तो पर्याप्त औजार हैं और न ही सुरक्षा के उपकरण हैं। ऐसे में जान हथेली में डालकर कर्मचारियों को सफाई करनी पड़ रही है। जिस कारण न तो काम ठीक से हो पा रहा है और न ही इस काम के लिए कर्मचारी मिल पा रहे हैं।
बारिश में सीवरेज ब्लॉक की समस्या से शहर की गलियां व सड़कें पानी से भर जाती हैं। विभाग की ओर से सीवरेज सफाई का 90 प्रतिशत काम ठेकेदार से करवाया जाता है। ठेकेदार ही शिकायतों का निपटारा करते हैं। बिना सफाई व सुरक्षा उपकरण के किन परिस्थितियों में काम हो रहा है अधिकारियों ने इसकी आज तक सुध नहीं ली है। सीवर का गंदा पानी अत्यंत विषैला होता है, जिससे विभिन्न प्रकार के रोग लग जाते हैं। विभाग की ओर से कर्मचारियों को कोई उपकरण नहीं दिया गया है। उनके पास न तो मास्क हैं और न ही उनके पास दस्ताने हैं। कई बार सीवर चालू करने के लिए रात को काम करना पड़ता है। यहां तक की कर्मचारियों के पास टार्च तक नहीं है। इसके अलावा मौके पर प्राथमिक उपचार का भी कोई प्रबंधन नहीं होता है।
सीवर में बॉयो गैस बनती हैं, जिसके संपर्क में आने से सांस लेने में परेशानी होती है। वहीं जब सीवर के अंदर घुसकर सफाई करनी पड़ती है तो वहां ऑक्सीजन नहीं होती है। ऐसे में कर्मचारी सांस रोक कर काम करते हैं और फिर बाहर आकर सांस लेते हैं। इस दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर होना चाहिए। ताकि कर्मचारियों को परेशानी न हो।
कर्मचारी हो गए थे बेहोश
वार्ड नंबर-13 की पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि सीवर में विषैली गैसें होती हैं। इससे सांस लेने में परेशानी होती है। करीब पांच साल पहले सीवर सफाई के दौरान दो कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ गई थी। सीवर की सफाई के लिए दोनों कर्मचारी मेनहोल में उतरे थे। ऑक्सीजन न होने के कारण वे सांस नहीं ले पाए और बेहोश हो गए। इस दौरान वहीं पास स्थित एक ऑक्सीजन गैस का काम करने वाले व्यक्ति ने अपना सिलिंडर मेनहोल में छोड़ दिया, जिससेकर्मचारियों तक ऑक्सीजन पहुंची और उनकी जान बच गई।
सफाई कर्मचारियों को पूर्ण सुरक्षा उपकरणों के साथ नालों व गहरी जगह में उतरने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को भी नियमानुसार उपकरणों का प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के पास सभी उपकरण हैं। कहीं नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो इसका पता करवाया जाएगा और कार्रवाई लाई जाएगी। - गिरीश अरोड़ा, डीसी, यमुनानगर