यमुनानगर। खजूरी रोड स्थित फैक्टरी से पैमेंट लेकर लौटते समय लूट की कहानी बनाने के मामले में पुलिस ने आढ़ती शहजाद के आरोपी नौकर मंडौली निवासी शार्दिल को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शार्दिल ने अपने साथी संकेत व हिमांशु के साथ मिलकर लूट की कहानी बनाई थी और फैक्टरी से मिले दो लाख आठ हजार 365 रुपये अपने साथियों को दे दिए थे, लेकिन पुलिस जांच में जब सीसीटीवी फुटेज में लूट की कोई वारदात सामने नहीं आई तो मामले का पर्दाफाश हो गया। तब पुलिस ने आढ़ती शहजाद की शिकायत पर उसके नौकर शार्दिल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। पूछताछ में आरोपी शार्दिल ने बताया कि उसका घर का खर्च काफी बढ़ गया था। जिस वजह से उसने अपने मालिक गांव सुघ निवासी शहजाद के पैसों को हड़पने की योजना बनाई थी। इसलिए ही लूट की कहानी बनाई। जांच अधिकारी एसआई सतनाम सिंह ने बतया कि आरोपी शार्दिल को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से रुपये भी बरामद कर ली गई है।
जांच अधिकारी सतनाम ने बताया कि आरोपी शार्दिल सुघ निवासी शहजाद की पांसरा स्थित नवाब टिंबर पर काम करता था। शहजाद उस पर काफी विश्वास करता था। इसलिए पेमेंट लेने व लकड़ी की ट्राली खाली कराने के लिए भी उसे ही भेजता था। इस बीच शार्दिल का खर्च काफी बढ़ गया था। उसका दिहाड़ी से गुजारा नहीं हो रहा था। जिस बारे में आरोपी शार्दिल ने अपने दोस्त संकेत व हिमांशु को बताया, तो उन्होंने शहजाद की पेमेंट हड़पने की योजना बनाई। 25 अप्रैल को शहजाद ने शार्दिल को न्यू प्रगति प्लाईवुड खजूरी में पेमेंट लेने के लिए भेजा। यहां फैक्टरी मालिक ने उसे दो लाख आठ हजार 365 रुपये दिए। तय योजना के अनुसार उसे रास्ते में संकेत व हिमांशु मिले। यही से उसने पैसे उन्हें दे दिए और मालिक को फोन कर बता दिया कि उससे बाइक सवार नकाबपोश बदमाश आंखों में ज्वलनशील स्प्रे कर पेमेंट लूटकर फरार हो गए। लेकिन पुलिस जांच में सीसीटीवी में लूट की कोई वारदात सामने नहीं आई। जिसके बाद आढ़ती को उस पर शक हुआ। जिसके बाद आरोपी शार्दिल वहां से फरार हो गया। तब पुलिस ने मामले में आरोपी शार्दिल पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। पकड़ने जाने पर आरोपी ने बताया कि यह पैसे उसने दोस्तों के साथ बांट लिए थे। एक लाख 50 हजार रुपये उसने रखे। 24 हजार रुपये अपने दोस्तों को दे दिए। जबकि दस हजार रुपये खर्च कर दिए। पुलिस ने मामले में आरोपी से नकदी बरामद कर ली है। उसे अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।