यमुनानगर। खुद को केंद्र का बड़ा अधिकारी बताकर एक युवक ने अपने परिवार के साथ मिलकर लोगों से लाखों रुपये ठग लिए। आरोपी खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए कार पर लाल बत्ती लगाकर घूमता था। तीन साल पहले आरोपी खुद को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव का पीए बताकर बहन की नौकरी लगवाने के लिए डीसी को फोन भी कर चुका है। अब उसने चोपड़ा गार्डन निवासी वीरेंद्र से उसके बेटे व दो रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 45 लाख रुपये ठग लिए। वहीं, रटौली निवासी रणधीर सिंह को कनाडा की पीआर करवाने के लिए स्पाउस वीजा के नाम पर 27 लाख रुपये की ठगी कर ली। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपी दीपक सिंगला, उसकी बहन, पिता व मां के खिलाफ धोखाधड़ी के केस दर्ज कर लिए है।
पहला केस
तीन युवाओं को नौकरी लगवाने का 60 लाख में हुआ था सौदा, 45 लाख ठगे
चोपड़ा गार्डन निवासी वीरेंद्र ने बताया कि पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सेक्टर 17 निवासी दीपक सिंगला ने अपनी बहन जायता सिंगला, पिता प्रदीप व मां कमलेश रानी के साथ मिलकर सिंगला कार परचेज के नाम से ऑफिस बनाया हुआ है। आरोपी फेसबुक पर केंद्र के बड़े अधिकारी से नाम से आईडी बनाकर नौकरी दिलाने व विदेश भेजने के नाम से लाखों की ठगी करता है। मई 2019 में आरोपी ने खुद को रेल मंत्री का अच्छा जानकार बताते हुए 20 लाख रुपये में उसके बेटे को रेलवे में डिवीजनल सीनियर मैकेनिकल इंजीनियर की नौकरी दिलाने की बात कही। उनसे सात लाख रुपये एडवांस भी लिए। उसके बहकावे में आकर उसने अपने भतीजे प्रशांत को जूनियर इंजीनियर व साले के लड़के ललित को क्लर्क लगवाने की बात की। तीनों को नौकरी लगवाने के लिए कुल 60 लाख रुपये मांगे। वह दीपक को एडवांस के तौर पर 45 लाख रुपये दे चुके थे। परंतु किसी को भी नौकरी नहीं लगवाई। रुपये मांगे तो दीपक उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगा। पुलिस ने चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया।
दूसरा केस
कनाडा की पीआर दिलवाने के नाम पर 27 लाख ठगे
गांव रटौली के रणधीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि अप्रैल 2021 में दीपक सिंगला ने उसे परिवार सहित कनाडा में पीआर करवाने के लिए स्पाउस वीजा लगवाने का झांसा दिया। आरोपी ने 40 लाख रुपये मांगे। अप्रैल 2021 में अपने घर बुलाकर पांच लाख रुपये व दस्तावेज लिए। इसके बाद 22 लाख रुपये लिए। आरोप है कि 27 लाख रुपये लेकर भी दीपक ने उसे जाली दस्तावेज तैयार कर उनका फर्जी वीजा लगवाया। एंबेसी में पूछताछ करने पर उसे इसकी जानकारी मिली। उसने अपने रुपये मांगे तो दीपक व उसके परिजनों ने तीन मार्च को उस पर झूठा केस दर्ज करवा दिया। अब पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज किया है।
पीएम के प्रधान सचिव का पीए बताकर डीसी को किया था फोन
पीड़ित रणधीर ने बताया कि दीपक सिंगला पर अप्रैल 2019 में आरोपी ने खुद को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव का पीए बताकर यमुनानगर डीसी ऑफिस के लैंडलाइन नंबर पर फोन किया था। फोन क्लर्क रविंद्र कुमार ने उठाया था। आरोपी ने अपनी बहन जयता की नौकरी लगवाने की बात कहकर उसकी कॉल डीसी को ट्रांसफर करवाई, लेकिन डीसी के मीटिंग में होने पर उसकी बात नहीं हो सकी। डीसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कराई तो फर्जी कॉल मिली थी। तब पुलिस ने दो अप्रैल 2019 को दीपक पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसके अलावा भी आरोपी पर कई धोखाधड़ी का केस दर्ज है।
दोनों मामलों में आरोपी दीपक सिंगला व उसके तीन परिवार सदस्यों पर धोखाधड़ी के दो केस दर्ज किए हैं। आरोपी लाल बत्ती की कार लेकर घूमता था और लोगों को कभी रेलमंत्री का जानकार तो कभी केंद्र का बड़ा अधिकारी बताकर ठगी करता था। आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- जसबीर सिंह, एचएचओ, थाना सेक्टर 17