मायके गई पत्नी व बेटी को न भेजने से परेशान शिवपुरी-बी कॉलोनी निवासी बालकृष्ण उर्फ बाली ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव कमरे में पंखे की हुक से बने फंदे पर लटका मिला। मरने से पहले बालकृष्ण ने दीवार पर सुसाइड नोट लिखा। जिसमें उसने अपने ससुराल वालों पर मारपीट करने, पत्नी व बेटी को न भेजने से परेशान होकर जान देने की बात कही है। पुलिस ने मृतक की मां की शिकायत पर उसकी पत्नी, सास व दो सालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
शिवपुरी-बी निवासी शांति देवी ने बताया कि उसके बेटे 40 वर्षीय बाल कृष्ण उर्फ बाली प्राइवेट नौकरी करता था। उसके बेटे की शादी 12 साल पहले अंबाला शहर निवासी गीता के साथ हुई थी। शादी से उनके पास एक लड़की है। मगर इस बीच उसके बेटे बालकृष्ण व गीता के बीच अनबन रहने लगी। अनबन के चलते करीब छह साल पहले गीता अपनी बेटी को लेकर मायके चली गई। इसके बाद वह बेटी के साथ मायके में ही रह रही है। आरोप है कि इस दौरान गीता बालकृष्ण को मानसिक तौर पर परेशान करती थी। जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। आरोप है कि गीता के परिवार वाले भी बेटे से गीता व उसकी बेटी की बातचीत नहीं होने देते थे। वे दो बार बालकृष्ण के साथ गीता और उसकी बेटी को लेने गए थे, लेकिन उसके मायके वालों ने उसे नहीं आने दिया। शांति देवी ने बताया कि कुछ दिन पहले भी बालकृष्ण गीता को लेने अंबाला गया था। आरोप है कि वहां गीता के भाई अमित व सुरेंद्र कुमार ने उसके बेटे से मारपीट की थी और गीता को उसके साथ नहीं भेजा था। इस वजह से उसका बेटा काफी परेशान था। शांति देवी ने बताया कि इसी परेशानी के चलते बालकृष्ण ने अपने कमरे में पंखे की हुक से बने फंदे पर लटक कर जान दे दी। बेटे ने कमरे में दीवार पर सुसाइड नोट लिखा हुआ था। जिसमें उसने गीता देवी, सास मिथाना देवी व साले अमित व सुरेंद्र को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इस शिकायत पर गांधी नगर पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
मृतक की मां शांति देवी ने बताया कि मरने से पहले उसके बेटे बालकृष्ण ने अपने कमरे की दीवार पर सुसाइड नोट लिखा। जिसमें लिखा था कि गोखिया दीपक मैं अगर मरता हूं तो इसके जिम्मेवार मेरे ससुराल वाले होंगे। गीता, उसकी मां मिथाना देवी उर्फ कमला, उसका भाई अमित व सुरेंद्र है। क्योंकि ये साढ़े चार साल से मेरी बिटिया मन्नत से मिलने नहीं देते। अगर मैं वहां जाता हूं तो मुझे जान से मारने की धमकी देते है। जब भी मैं वहां गया तो मुझसे मार पिटाई करते हैं। मेरे मरने के बाद मेरी मां शांति देवी व उसके बाद मेरी बेटी मन्नत की सारी चल अचल संपत्ति होगी।
गांधी नगर थाना प्रभारी भूपेंद्र राणा का कहना है कि मृतक की मां की शिकायत व दीवार पर लिखे सुसाइड नोट के आधार पर उसकी पत्नी, सास व दो सालों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मृतक की पत्नी छह साल से उसके अलग रह रही थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।