फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘हवन से पंच तत्वों की होती है शुद्धि’

विज्ञापन
अमादलपुर स्थित सूर्यकुंड मंदिर में महाआरती करते पुजारी। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। अमादलपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध एवं प्राचीन सूर्य कुंड मंदिर में चल रहे मां चंडी महायज्ञ का मंगलवार को छठा दिन रहा। शाम को महाआरती में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। महाआरती के बाद महंत ब्रह्मचारी त्रिंबकेश्वर एवं डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य महाराज ने श्रद्धालुओं को हवन की महिमा बताई। इन्होंने बताया कि हवन से वातावरण शुद्ध होता है। जल, अग्नि, वायु, आकाश सहित सभी तत्व जो प्राणियों के लिए आवश्यक है, उनकी शुद्धि का एकमात्र उपाय हवन है।
वहीं 10 वर्षीय कथावाचक सुखदेव ऋषभदेव ने श्रीमद्भागवत कथा से श्रद्धालुओं को ईश्वर की महिमा व कृपा के बारे बताया है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत श्रवण मात्र से मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है। राजा परीक्षित को भी जब तक्षक नाग से काल का भय सता रहा था, तो महर्षि शुकदेव महाराजझ् ने उन्हें श्रीमद्भागवत कथा सुनाई थी। राजा परीक्षित को कथा श्रवण से ही मुक्ति मिल गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कालचक्र से कोई नहीं बच पाया है। पृथ्वी को मृत्यु लोक कहा जाता है। चूंकि पृथ्वी पर चराचर समस्त जीवों व सभी योनियों को काल का ग्रास बनना ही होगा। परंतु जो प्राणी श्रीमद्भागवत का श्रवण करता है उसे प्रभु अपनी शरण में ले लेते हैं। जहां काल की एक नहीं चलती है। मनुष्य मृत्यु की तो होती है, लेकिन वह मोक्ष को प्राप्त होता है। इस दौरान विनोद गलोचा, विमल चोपड़ा ,संजीव सैनी, सुरेंद्र सैनी, अश्वनी कौशिक, सुशील गर्ग, पदम जैन, सुरेंद्र सैनी, हरीश कुमार, विनोद नग, संजय, अमित, मनोज नगर, कमल, शाम सहित अन्य श्रद्धालुअ उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें