यमुनानगर। जिला पुलिस के सामन वाहनों का संकट खड़ा हो गया। विभाग के पास मौजूदा समय में 88 वाहनों से 14 पूरी तरह से कंडम (ऑफ रोड) घोषित हो चुके हैं। अब महकमे के पास 74 वाहन की बचे हैं। पुलिस महकमे के एमटीओ दफ्तर ने मुख्यालय को नए वाहनों की मांग भेजी गई है। ऐसे में दिसंबर के अंत या जनवरी की शुरूआत में नए वाहन आ सकते हैं।
पुलिस के पास मौजूद 74 वाहनों में से 40 वाहन कंडम होने के कगार पर हैं। पुलिस इन 40 वाहनों को अभी पूरी तरह से कंडम घोषित नहीं कर सकती है, चूंकि अगर इन वाहनों को भी कंडम घोषित कर दिया गया तो पुलिस के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। सबसे ज्यादा असर पुलिस पेट्रोलिंग पर पड़ेेगा।
हालांकि वाहनों की समस्या से पेट्रोलिंग प्रभावित हो रही है, किंतु जो बचे वाहन उन्हें ही सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। अपराधियों की धरपकड़ के लिए उनका पीछा करना हो या फिर हादसे के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को उठाना हो, पुलिस यह जिम्मा निभाती है। वहीं आमजन की सुरक्षा के लिए पुलिस रात दिन गश्त करती है, लेकिन वाहनों के बिना पुलिस का काम संभव नहीं है। संवाद
हर थाने में होने चाहिए दो से तीन वाहन
जिले में कुल 15 थाने हैं। प्रत्येक थानों में दो से तीन वाहन होने चाहिए। थाना एरिया में होने वाली घटना के दौरान ही सबसे पहले पुलिस केे पहुंचना होता है। कई बार बाहर गए वाहन के आने के बाद ही पुलिस दूसरी जगह पर जाती है। ऐसे में अगर अतिरिक्त वाहन हों तो पुलिस के लिए भी राह और आसान हो जाएगी।
केवल डायल 112 की मिली नई गाड़ियां
जिला पुलिस को डायल 112 की 32 गाड़ियां नई मिली हुई हैं। यह अलग प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं, जिनका सीधा कंट्रोल पंचकूला है। लोकल पुलिस के लिए तो तभी प्रयोग होती है जब कोई घटनाक्रम हो। अन्यथा इन गाड़ियों की लोकेशन कंट्रोल रूम के हिसाब से निर्धारित स्थान पर रहती है। यहां तक लोकल पुलिस अपनी मर्जी से इस गाड़ी को कहीं और तैनात नहीं कर सकती। केवल आपातकालीन स्थिति में ही ऐसा किया जा सकता है।
हमारे पास कुल 88 वाहन हैं, जिनमें से 14 पूरी तरह से कंडम घोषित हो चुके हैं। अब 74 ही बचें हैं, इनमें से भी 40 कंडम होने के कगार पर हैं। वाहनों की कम के चलते पुलिस को भी काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। हमने नए वाहनों के लिए विभाग को लिखा हुआ है उम्मीद है दिसंबर के अंत या जनवरी की शुरूआत में मिल जाएं। - धर्मेंद्र बराड़, एमटीओ, पुलिस विभाग।