निरंजन कुमार राणा
यमुनानगर। ट्विनसिटी को ट्रैफिक के दबाव से निजात दिलाने के लिए एक और बाईपास का निर्माण किया जाएगा। बाईपास के लिए कौन-कौन से गांवों की कितनी जमीन अधिग्रहण की जाएगी, इसके सर्वे के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा। उसके बाद डीपीआर काम पूरा किया जाएगा। उम्मीद है कि साल 2025 तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।
प्रस्तावित बाईपास पंचकूला-हरिद्वार नेशनल हाईवे नंबर 344 पर कैल गांव के पास से शुरू होकर कलानौर गांव के बाहर इसी हाईवे में मिल जाएगा। उत्तरी बाईपास अंबाला रोड स्थित कैल से शुरू होकर दादूपुर-नलवी नहर की पटरी से होते हुए जगाधरी-छछरौली-पावंटा हाईवे पर तिकोना चौक पर निकलेगा। तिकोना चौक से आगे उधमगढ़, गढ़ी, चनेटी, भोजपुर, फतेहपुर, नया गांव, बहरामपुर, कैत, मंडी, लापरा होते हुए कलानौर तक जाएगा। करीब 20 किमी लंबा यह बाईपास बनने से ट्विनसिटी के चारों तरफ रिंग रोड हो जाएगा, जिससे वाहन शहर में प्रवेश किए बिना ही उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में चले जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक सितंबर 2019 को व्यापारियों से बातचीत में दक्षिण बाईपास की तरह उत्तरी बाईपास बनाने का एलान किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि कैल से कलानौर तक उत्तरी बाईपास बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके बाद डीटीपी ने इस प्रोजेक्ट को मास्टर प्लान 2041 में शामिल कर दिया। मास्टर प्लान को सरकार ने पिछले साल मंजूरी दे दी थी, जिससे उत्तरी बाईपास के बनने का रास्ता साफ हो चुका है। मास्टर प्लान के मुताबिक करीब 20 किमी लंबे उत्तरी बाईपास पर तीन फ्लाईओवर, एक आरओबी और पांच अंडरपास बनाएं जाएंगे।
जगाधरी शहर को मिलेगा फायदा
ट्विनसिटी के उत्तरी छोर पर नया बाईपास बनने से जगाधरी क्षेत्र के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। उत्तरी बाईपास बनने से शहर में भारी वाहन बाहर से ही निकल जाएंगे और दुर्घटनाएं थम जाएगी। दक्षिणी बाईपास बनने का जगाधरी शहर को कोई फायदा नहीं हुआ है। ज्यादा फायदा यमुनानगर को हुआ है। उत्तरी बाईपास के बनने से जगाधरी का जाम काफी हद तक कम हो जाएगा। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण फैक्टरियों में आने-जाने वाले बड़े ट्रक शहर में जाम की वजह बनते हैं। बाईपास तैयार होने से सड़कों की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी।
प्रदूषण, जाम और दुर्घटनाओं से मुक्ति के लिए उत्तरी बाईपास जरूरी है। मास्टर प्लान में भी इसे जरूरी बताया गया है। सरकार जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाना चाहती है। - कंवरपाल गुर्जर, वन एवं पर्यटन मंत्री हरियाणा
उत्तरी बाईपास का पूरा प्रोजेक्ट डीटीपी की तरफ से भेजा गया है। प्रोजेक्ट के आधार पर डीपीआर तैयार करवाई जाएगी। सरकार से आदेश मिलने के बाद ही डीपीआर के लिए टेंडर दिए जाएंगे। - राजकुमार, एक्सईएन, पीडब्लयूडी