संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मंडी सुपरवाइजर की ओर से व्यापारी के साथ मिलीभगत करके कथित भ्रष्टाचार करने के मामले में नई बातें सामने आ रही है। ऑडियो में जिस कपालमोचन में धान खरीद का जिक्र किया गया था। वहां प्रशासन की तरफ से अस्थाई खरीद केंद्र की इजाजत नहीं थी। इसके बावजूद वहां पर बाहर से धान लाकर व्यापारी बाकायदा गेट पास बनाकर धान को बोरियों में भरकर तुलाई की जा रही थी। बताया जा रहा है कि धान की फसल यूपी के किसानों से सस्ते रेट पर खरीद कर यहां एमएसपी पर बेची जा रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि मंडी सुपरवाइजर व व्यापारी के बीच रिकॉर्ड की गई ऑडियो से साफ प्रतीत होता है कि इस तरह का फर्जीवाड़ा अन्य मंडियों में किया जाता रहा है। मार्केट कमेटी के कर्मचारी बाहर से आई फसल की तुलाई, गेट पास व इसे मंडी में समायोजित करने के बदले अच्छी खासी रकम वसूलते थे। यह फर्जीवाड़ा पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से चल रहा था, जिसमें प्रतिदिन हजारों क्विंटल धान को खरीद कर सरकार को लाखों रुपये की चपत लगाई गई है।
दरअसल इस बार अनाजमंडी में धान की खरीद तीन अक्तूबर से शुरू हुइ थी। इसके बाद जिला उपायुक्त ने मंडी का दौरा कर आढ़तियों व किसानों की समस्या को सुन कर समाधान का आश्वासन दिया था। मंडी के आढ़तियों ने मंडी में जगह की कमी को लेकर जिला उपायुक्त से अतिरिक्त खरीद केन्द्र बनाए जाने की मांग रखी थी। आढ़तियों ने कपालमोचन सरोवर के समीप, गुरुनानक केन क्रेशर चाहडवाला, नीलकंठ पैलेस, राजन केन क्रेशर व एक अन्य जगह पर सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की थी। बिना अनुमति के चल रहे खरीद केंद्र पर धान तुलाई के लिए निर्धारित राशि के अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी। अतिरिक्त राशि देने पर आढ़तियों को गेट पास, कट्टे में अपनी सुविधा के अनुसार धान भरवाना व सेलर की गाड़ी को सुविधानुसार भरवाई करवाना सहित अन्य कार्य किए जाते थे।
मार्केट कमेटी की सचिव सुमन लता ने बताया कि जिला उपायुक्त के सामने पांच अतिरिक्त खरीद केन्द्र की मांग रखी थी। जिस पर उन्होंने जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया था। किसान व आढ़ती मंडी के बाहर धान को सूखा सकता है, तोल नहीं सकता है। मामला सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। अब आगे मामले की जांच की जा रही है।
जिले में 186115 मीट्रिक टन धान की खरीद
जिले की सभी 13 मंडियों में ग्रेड ए किस्म की 186115 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 99278 मीट्रिक टन, हैफेड ने 42274 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर कार्पोरेशन ने 44563 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। बिलासपुर अनाज मंडी में 13864 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 22111 मीट्रिक टन, गुमथला राव मंडी में 2517 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 27959 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 1755 मीट्रिक टन, खारवन अनाज मंडी में 3617 मीट्रिक टन, प्रतापनगर अनाज मंडी में 23200 मीट्रिक टन, सरस्वती नगर अनाज मंडी में 45429 मीट्रिक टन, रादौर अनाज मंडी में 19279 मीट्रिक टन, रणजीतपुर अनाज मंडी में 4130 मीट्रिक टन, रसूलपुर अनाज मंडी में 7540 मीट्रिक टन, सढौरा अनाज मंडी में 14555 मीट्रिक टन धान व यमुनानगर अनाज मंडी में 159 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।