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हैरत ः लोगों का इलाज करता मिला 12वीं पास व्यक्ति

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मेडिकल स्टोर पर दबिश देकर कार्रवाई करता मुख्यमंत्री उड़नदस्ता। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर की लालद्वारा कॉलोनी में मेडिकल स्टोर के अंदर चल रहे क्लीनिक पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व औषधि नियंत्रक ने दबिश दी। दबिश में यहां 12वीं पास व्यक्ति लोगों का इलाज करता हुआ मिला। क्लीनिक में एक मरीज को ग्लूकोज लगाकर उपचार दिया जा रहा था। वहीं, एक व्यक्ति को दवाई दी जा रही थी। मेडिकल स्टोर से औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने दवा के छह नमूने भी लिए। पुलिस ने मामले में डॉ. विपिन दत्ता, नरेश कुमार व गौरव के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला औषधि नियंत्रक डॉ. प्रवीन कुमार और डॉक्टर विपिन गोंदवाल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि लालद्वारा कॉलोनी में फर्जी तरीके से लक्ष्मी मेडिकोज नाम से मेडिकल स्टोर चलाया जा रहा है। मेडिकल स्टोर पर बिना डिग्री के डॉक्टर प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस सूचना पर मंगलवार दोपहर को उन्होंने मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के उप निरीक्षक दिनेश कुमार, सिविल अस्पताल से डॉ. विपिन गोंदवाल, रामपुरा चौकी इंचार्ज संदीप कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ यहां दबिश दी।
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मेडिकल स्टोर के अंदर ही क्लीनिक बना था और मरीजों का इलाज किया जा रहा था। एक मरीज क्लीनिक में दाखिल था, जिसे ग्लूकोज लगाकर उपचार दिया जा रहा था। वहीं एक व्यक्ति को दवाई दी जा रही थी। कांसापुर निवासी नरेश कुमार लोगों को उपचार दे रहा था। उड़नदस्ते ने जब इलाज कर रहे नरेश कुमार से लाइसेंस मांगा तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। जांच करने पर नरेश कुमार कोई उच्चशिक्षा का प्रमाणपत्र भी नहीं दिखा पाया। जब पूछताछ की गई तो वह केवल 12वीं पास निकला। नरेश कुमार यह क्लीनिक छोटी लाइन निवासी डॉ. विपिन दत्ता के लाइसेंस पर चला रहा था। गौरव नाम का युवक काउंटर संभालते हुए मिला। साथ ही केमिस्ट का कार्य भी देख रहा था।
एक लाइसेंस पर नहीं चल सकते दो क्लीनिक
डॉ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि एक लाइसेंस पर दो क्लीनिक नहीं चलाए जा सकते। यह क्लीनिक डॉ. विपिन दत्ता के नाम पर चलाया जाता था। मौके पर नरेश कुमार इलाज करता मिला। नियमानुसार वह क्लीनिक चलाने के योग्य नहीं है। मौके पर डॉ. विपिन दत्ता को भी बुलाया गया था। इस मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है। मेडिकल स्टोर का लाइसेंस फार्मासिस्ट लक्ष्य कुमार के नाम पर है। नरेश और लक्ष्य साझे में मेडिकल स्टोर चला रहे थे। नरेश कुमार पहले किसी निजी अस्पताल में कंपाउंडर का कार्य करता था। अब काफी समय से वह मेडिकल स्टोर में अवैध तरीके से क्लिनिक चलाकर मरीजों को उपचार कर रहा था।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की दबिश के दौरान दूसरे डॉक्टर के लाइसेंस पर क्लीनिक चलाने का मामले का खुलासा हुआ है। मामले में आरोपी नरेश कुमार, डा. विपिन दत्ता व गौरव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। - सुरबीर सिंह, शहर थाना प्रभारी
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