यमुनानगर। नशे के बढ़ रहे चलन से युवा पीढ़ी का जीवन रसातल की ओर जा रहा है। वहीं परिवार और समाज को भी इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। यह बातें नशा मुक्ति कार्यशाला के दौरान उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहीं। वह सोमवार को गांव जुब्बल के सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को नशा न करने के लिए जागरूक कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों के नशा न करने की शपथ दिलाई।
डॉ. वर्मा ने कहा कि नशीली औषधि, टीके सहित नशे के तमाम पदार्थ मनुष्य को भीतर तक खोखला करते हैं। नशे से व्यक्ति का जीवन बहुत छोटा हो जाता है। उन्होंने कहा कि समय रहते नहीं जागे तो बहुत ही भयंकर परिणाम होंगे। प्रयास संस्था व हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्याध्यापक राजपाल ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शुरू में नशा सभी को अच्छा लगता है, जब लोग इसके आदि हो जाते हैं तो वह इससे बचना चाहते हैं, लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं रह जाता है।
उन्होंने कहा कि नशा उन्हें ऐसा खोखला कर देता है कि दवाइयां भी एक समय के बाद उन पर काम करना बंद कर देती हैं। नशे का आदी ही नहीं बल्कि उससे जुड़े सभी लोग इससे प्रभावित होते हैं। नशा व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति तो पहुंचाता ही है, वहीं उसे व परिवार को आर्थिक व मानसिक रूप से भी क्षति पहुंचाता है। इस दौरान विद्यार्थियों ने नशा न करने और दूसरों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली। कार्यक्रम में पूरा स्कूल स्टाफ, प्रबंधन समिति सदस्य सहित अन्य उपस्थित रहे।