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ंस्थान में विद्यार्थियों को न हो परेशानी, बनेंगी शिकायत व रैगिंग विरोधी समितियां

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संस्थान में विद्यार्थियों को न हो परेशानी, बनेंगी शिकायत और रैगिंग विरोधी समितियां
-आईटीआई विभाग मुख्यालय ने समितियां बनाने संबंधी दिए निर्देश
-जिले में छह सरकारी व 13 निजी कुल 19 आईटीआई संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्कूल के बाद अब कॉलेज व अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों का भी नया सत्र शुरू होने वाला है। हालांकि कॉलेजों व तकनीकी संस्थानों में अभी दाखिले शुरू होने में वक्त है लेकिन विभाग मुख्यालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। संस्थानों में दाखिला लेकर पहुंचे नए विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए कमेटी स्थापित करने के निर्देश हैं।
कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग मुख्यालय की ओर से आईटीआई संस्थानों में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें शिकायत समिति व रैगिंग विरोधी कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश की सभी राजकीय और निजी आईटीआई में कमेटी बनाई जाएंगी। जबकि कुछ संस्थानों में यह पहले से स्थापित हैं। इसका मुख्य उद्देश्य संस्थान में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि जिले की आईटीआई में रैगिंग इत्यादि का कोई मामला सामने नहीं आया है। बावजूद इसके एहतियात के तौर पर यह समितियां बनाई जाएंगी। जिसकी समीक्षा व निगरानी प्राचार्य करेंगे। इसमें महिला व पुरुष इंस्ट्रक्टर सहित विद्यार्थियों को भी शामिल किया जा सकता।
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जिले में कुल 19 आईटीआई संस्थान
जिले में कुल 19 आईटीआई संस्थान हैं। जिसमें छह सरकारी और 13 निजी आईटीआई हैं। जिसकी सबसे बड़ी आईटीआई शहर के वर्कशॉप रोड पर है। जबकि छछरौली में दो, नाचरौन में एक, साढौरा में एक और सरस्वतीनगर में एक राजकीय आईटीआई है। इसके अलावा रादौर, प्रतापनगर, छछरौली, बिलासपुर में निजी आईटीआई हैं।
बनाई जाती है शिकायत कमेटी
आईटीआई प्रिंसिपल एवं नोडल अधिकारी मनदीप सिंह बेनीवाल ने बताया कि आईटीआई में विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए शिकायत कमेटी बनाई गई है। हर साल कमेटी में फेरबदल किया जाता है। इसमें एक ग्रुप इंस्ट्रक्टर, एक इंस्ट्रक्टर महिला सहित कुल पांच सदस्य हैं। जो विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर चर्चा व निदान करती है।
जिले में नहीं ऐसा कोई मामला
प्रिंसिपल मनदीप सिंह ने बताया कि जिले की किसी आईटीआई में रैगिंग का कोई मामला नहीं है। इसके लिए आईटीआई प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कमेटी बनाकर संस्थान में निगरानी की जाती है। वहीं संस्थान की छात्राओं को इसके लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है। सत्र के शुरुआत में ही छात्राओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाता है, ताकि ऐसी परेशानी होने पर वे इसकी शिकायत व सामना कर सकें।
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आईटीआई में रैगिंग जैसी कोई समस्या व मामला नहीं है। इसके लिए जिले के सभी संस्थान पूर्ण रूप से तैयार हैं। संस्थान में शिकायत समिति स्थापित हैं। एंटी रैगिंग कमेटी के लिए अभी तक निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश आने पर उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
-मनदीप सिंह बेनीवाल, प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी।
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