हथिनी कुंड बैराज पर आए उफान के बाद आसपास के क्षेत्र में धारा-144 लागू कर दी गई है। साथ ही यमुना की तरफ पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। खासकर पर्यटकों को तटबंध के पार यमुना की तरफ जाने की मनाही होगी। इस संबंध में सिंचाई विभाग ने बैराज के पास चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए हैं।
विदित हो कि तीन दिन पहले यमुना में एक लाख 60 हजार क्यूसेक पानी आया था, जिसके चलते तटबंध और बैराज के पास सुरक्षात्मक संरचना को काफी नुकसान हुआ था। ऐसे में अब दोबारा से पानी आने पर तटबंध को भी खतरा हो सकता है। दूसरी ओर पानी बढ़ने पर आसपास के ग्रामीण मछली पकड़ने के लिए चले जाते हैं। साथ ही बैराज पर पर्यटकों की भी आवाजाही बनी रहती है। इसे देखते हुए उपायुक्त के आदेश पर क्षेत्र में धारा-144 लागू कर दी गई है। साथ ही यहां पर सिंचाई विभाग ने सात कर्मचारियों को तैनात किया है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ धर्मपाल सिंह का कहना है कि हथिनी कुंड बैराज की सुरक्षा को देखते हुए यमुना में मछली पकड़ना नहाना व घूमना मना है। अब बरसात का सीजन है अगर कोई भी व्यक्ति यमुना में मछली पकड़ता या नहाता मिला तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि डीसी के आदेश पर धारा 144 का सख्ती से पालन किया जा रहा है।
यमुना में घटा जलस्तर, दिल्ली के गेट बंद
उधर, यमुना के जलस्तर में शुक्रवार को कमी दर्ज की गई है। तीन दिन पहले जहां एक लाख 60 हजार क्यूसेक पानी हो गया था, वहीं शुक्रवार को दिन में 30 से 35 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था, जबकि रात नौ बजे 46518 क्यूसेक पानी हो गया। इसमें से दिल्ली की तरफ यमुना में 34010, पश्चिमी यमुना नहर में हरियाणा की तरफ 10500 और यूपी की तरफ पूर्वी यमुना नहर में 2001 क्यूसेक पानी भेजा गया।
पानी कम होने पर सिंचाई विभाग ने दिल्ली की तरफ के आठ गेट बंद कर दिए हैं। अब केवल 10 गेट खोले गए हैं। एसडीओ धर्मपाल ने बताया कि अभी स्थिति कंट्रोल में हैं। हालांकि हिमाचल प्रदेश के सिंचाई विभाग ने अलर्ट भेजा है, जिसे लेकर एहतियात बरता जा रहा है।