शेरपुर मोड़ से लेदी जाने वाली क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर ग्रामीणों ने सरकार व विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया। लोगों का कहना है कि सरकार व प्रशासन की लापरवाही के चलते हर साल छछरौली क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल व सड़कें क्षतिग्रस्त होती है। फसल खराब होने के बाद किसानों को मुआवजे के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। ग्रामीणों से जानकारी मिलने के बाद वीरवार को कांग्रेस के जिला कॉर्डिनेटर श्यामसुंदर बत्रा मौके पर पहुंचे और फसलों में हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार वाहवाही लूटने में लगी हुई है। जबकि लोगों की समस्याओं की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। सड़कों में मौजूद एक से दो फीट गहरे गड्ढे विकास कार्यों की पोल खोलने के लिए काफी है।
विक्रम का कहना है कि सरकार विकास के नाम पर झूठे दावे कर रही है। क्षेत्र की सड़कों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सड़कों उसकी तरफ सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। शेरपुर मोड से लेदी जाने वाली सड़क पिछले साल बरसात के सीजन में खराब हुई थी। उसके बाद पूरा एक साल बीतने के बाद भी विभाग ने सड़क को ठीक नहीं किया और अगला बरसात का सीजन आ गया।
रणबीर का कहना है कि करीब तीन दर्जन गांवों से तहसील व जिला मुख्यालय के लिए सिर्फ एकमात्र सड़क है और यह सड़क बरसात के सीजन में हर साल पानी की वजह से उखड़ जाती है। इसकी वजह से क्षेत्रवासियों को बड़ी परेशानी हो रही है। इस बार तो तीन फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। अब उन गड्ढों में पानी भर गया है। राहगीर अनियंत्रित होकर यहां गिर रहे हैं।
धर्मवीर का कहना है कि इस सड़क के उखड़ने से क्षेत्रवासियों को तहसील छछरौली व यमुनानगर जाने के लिए वाया बिलासपुर व प्रतापनगर से होकर जाना पड़ता है। बरसात के पानी से सड़क उखड़ने की समस्या बहुत ही बड़ी समस्या है। जिसके बारे में लंबे समय से क्षेत्रवासी समस्या के समाधान की मांग करते आ रहे हैं।
अली का कहना है कि इस सड़क पर सोम नदी का पानी नुकसान करता है। सड़क के साथ यह पानी सैकड़ों एकड़ फसल भी बर्बाद करता है। सोम नदी का पानी किनारे नहीं होने की वजह से बाहर निकलता है और उसके बाद क्षेत्र में तबाही मचाता है। इस बार सिंचाई विभाग ने सोन नदी के किनारे पर कुछ हिस्से में पटरी बनाई है और कुछ हिस्सा ऐसे ही छोड़ दिया है। जहां पटरी नहीं लगी वहीं से सारा पानी निकल कर फसलों व सड़कों पर नुकसान पहुंचा रहा है।