सफाई के मुद्दे पर पार्षद व मेयर के बीच तकरार
- पार्षद देवेंद्र सिंह बोले, मेयर ने तीन साल में शहर का नाश कर दिया, इसलिए छोड़ दें कुर्सी
- मेयर मदन चौहान ने कहा, सभ्य तरीके से बात करें, आपके घर व फैक्ट्री के बाहर जो अतिक्रमण है उसे तोड़वा दूंगा
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड-4 के पार्षद देवेंद्र सिंह और नगर निगम के मेयर मदन चौहान में तकरार हो गई। तकरार इतनी बढ़ गई कि देवेंद्र सिंह ने मेयर को यहां तक कह दिया कि तीन साल में आपने शहर का नाश कर दिया। आपने कुछ नहीं किया, इसलिए आप मेयर की कुर्सी को छोड़ दो। जिस पर मेयर भी उत्तेजित हो गए।
उन्होंने देवेंद्र सिंह से कहा कि आप सभ्य तरीके से बात करना सीखें। मैं आपके मेयर (पूर्व मेयर सरोज बाला) की तरह नहीं हूं कि कुछ नहीं बोलूंगा। आप बजट की बैठक में राजनीति न करें। आपने अपने घर और फैक्ट्री के आगे अतिक्रमण कर रखा है। मैं सबसे पहले आपके घर व फैक्ट्री के आगे हुए अतिक्रमण को तोड़ूंगा। बीच में सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीण शर्मा आकर कहने लगे कि मेयर कुर्सी क्यों छोड़ें। वह चुनाव जीत कर आए हैं।
बता दें यह नोकझोंक पार्षद व मेयर के बीच में बुधवार को उस वक्त हुई जब बजट की बैठक में सफाई का मुद्दा उठा। देवेंद्र सिंह ने पूछा कि शहर की सफाई का बजट कितना है। जिस पर मेयर ने जवाब दिया 30 करोड़। देवेंद्र ने कहा कि 30 करोड़ रुपये खर्च कर भी शहर में सफाई का बुरा हाल है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। क्या शहर में सफाई का ठेका भाजपा पार्षदों ने ले रखा है। आप पिछले दिनों भाजपा के पार्षदों को लेकर इंदौर में घूम कर आए। क्या विपक्ष के पार्षदों के वार्डों में समस्या नहीं है। आप किसी को भी इंदौर ले जाते। परंतु आपने ऐसा नहीं किया। इंदौर से लौट कर आपने क्या किया। शहर का पहले से ज्यादा बुरा हाल हो गया। देवेंद्र सिंह ने कहा कि निगम के सफाई निरीक्षक ने बूड़िया में धांधली मचा रखी है। मैंने आपको शिकायत भी दी परंतु कोई कार्रवाई नहीं की। तीन साल में आप शहर में सफाई नहीं करवा सके तो आपको कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।
मेयर मदन चौहान ने कहा कि आपको इस तरह किसी अधिकारी पर सीधे आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है। आपको दिक्कत इसलिए है कि सफाई निरीक्षण बूड़िया से अतिक्रमण हटा रहे हैं। आपके घर और फैक्ट्री के आगे भी अतिक्रमण है। उसे मैं कल ही तोड़वा देता हूं।
वार्ड 13 से पार्षद निर्मल चौहान ने प्रॉपर्टी टैक्स का मुद्दा बजट की बैठक में जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि 48 करोड़ में से केवल 16 करोड़ रुपये ही टैक्स आया। जिन सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है वह क्यों नहीं लिया जा रहा।
वार्ड आठ के पार्षद विनोद मरवाह ने विज्ञापन साइट से कोई आमदनी नहीं होने पर अधिकारियों को घेरा। मरवाह ने कहा कि विज्ञापन साइट से 50 लाख रुपये आमदनी होने की उम्मीद थी। परंतु अधिकारियों ने बजट में दिखाया है कि नवंबर 2021 तक उन्हें विज्ञापन साइट से कोई पैसा नहीं मिला। जबकि शहर में चार जगहों पर जो डिजिटल स्क्रीन लगा रखी है उसका पैसा कहां गया। इस बावत अकाउंटेंट ने बताया कि फरवरी में उन्हें विज्ञापन साइट से 11 लाख 76 हजार रुपये बरामद हुए हैं।