यमुुनानगर। कंपकंपाती सर्दी में हो रही बारिश से लोग बेहाल हैं। सड़क पर जलभराव के चलते जहां आमजन परेशान नजर आए, वहीं खेत में पानी के लगने से फसल की बरबादी की आशंका से किसानों के माथे पर बल पड़ गए हैं। पिछले 29 घंटे में 42 एमएम बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से पारा लुढ़क गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 12 व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पारा गिरने से आगामी दिनों में ठंड बढ़ेगी। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सरसों व आलू की फसल को है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी बारिश होने की संभावना जताई है जिससे न्यूनतम पारा कम होकर आठ डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। बारिश से सड़कों के किनारे पानी जमा हो गया। इसके चलते दिनभर सड़कों पर जाम लगा रहा। वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत महाराणा प्रताप चौक से लेकर जगाधरी बस स्टैंड के बीच पुराना नेशनल हाईवे पर आई। इस सड़क के किनारे पानी निकासी के लिए गहरा सीवरेज डालने का काम चल रहा है। जेसीबी की मदद से उखाड़ी गई मिट्टी सड़क के बीचोंबीच पड़ी है। इसलिए पूरा दिन वाहन चालक कीचड़ से परेशान रहे और सड़क पर जाम भी रहा। टूटी सड़कों के गड्ढों में पानी जमा होने से वाहन चालक भी परेशान रहे। बरसात के कारण उन लोगों की कठिनाई बढ़ गई है जो रोजमर्रा काम करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। निर्माण कार्य बंद होने से वह काम पर नहीं जा पा रहे हैं। बारिश से सबसे ज्यादा दिक्कत उन परिवारों की बढ़ गई है जिनके यहां शादी समारोह होने हैं। जिनके आयोजन मोहल्ले में किसी खुली जगह पर होने हैं व टेंट को वाटर प्रूफ करवा रहे हैं। इससे उनकी लागत बढ़ गई है।
आलू की 15 प्रतिशत फसल पिछली बारिश से खराब
जिला में आलू का रकबा करीब चार हजार हेक्टेयर है। इसमें से 15 प्रतिशत आलू की फसल जनवरी के पहले सप्ताह में बारिश से खराब हुई थी। यदि बारिश नहीं रूकी तो बाकी फसल भी खराब होने का खतरा रहेगा। दरअसल जिले में आलू की दो तरह की फसल होती है। पहली फसल को दिसंबर में लिया जाता है। इसके बाद किसान खेत में गेहूं की बिजाई करते हैं। अब जो आलू खेतों में है उसे फरवरी के आखिरी सप्ताह से निकालना शुरू किया जाएगा। जिला बागवानी अधिकारी डा. कृष्ण कुमार का कहना है कि इस बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान आलू व मटर को है। यदि पानी जमा हुआ तो आलू खेत में ही गल जाएगा। इसलिए किसान खेत में पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें।
बारिश को देख कर सहमे किसान
दो दिन से लगातार हो रही बारिश को देखकर किसान सहमा हुआ है। क्योंकि 88 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लहलहा रही है। किसान पंडित लख्मी चंद, पिंटू राणा व सुरेश कांबोज ने बताया कि यदि बारिश नहीं रूकी और धूप नहीं निकली तो गेहूं को काफी नुकसान होगा। सबसे ज्यादा दिक्कत उन जगहों पर आएगी जहां पर पानी जमा होता है। इससे गेहूं पीली होकर गल जाएगी। साथ ही गेहूं में पीला रतुआ बीमारी आने की संभावना भी बढ़ जाएगी। जो बरसात जनवरी के पहले सप्ताह में हुई थी उसका गेहूं को फायदा था। अब जो बरसात हो रही है उसका नुकसान है। साथ ही सरसों की फसल तो जमीन पर बिछ चुकी है। यदि दो दिन और बरसात हो गई तो सरसों तो पूरी तरह से खराब हो जाएगी।
सरकार कराए फसलों की गिरदावरी
भारतीय किसान संघ के मुख्य संरक्षक रतन सिंह देवधर व प्रदेश महामंत्री रामबीर चौहान का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से किसानों को भारी नुकसान है। किसान पहले ही कर्ज के नीचे दबा है। किसान खेतों में डलने वाली वाली दवाइयां, खाद, कृषि औजार, डीजल खरीदते समय किसान टैक्स देता है। सरकार जब बड़े उद्योगपतियों का ऋण माफ कर सकती है तो किसान का क्यों नहीं? कम से कम एक साल तक हर तरह के बैंक कर्ज पर ब्याज वसूली पर रोक लगे। सरकार तुरंत प्रभाव से खराब फसलों की गिरदावरी कराए। जिसे नुकसान है उसे 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
जिला में कहां कितनी बरसात
ब्लॉक बरसात जगाधरी 37एमएम, बिलासपुर 45एमएम, रादौर 26एमएम, छछरौली 49एमएम, सरस्वती नगर 27एमएम, साढौरा 29एमएम व प्रतापनगर 35 एमएम। ऐसे में जिला में कुल 42 एमएम बारिश हुई है।
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