People are suffering from heat, mercury reaches 43 degree Celsius
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। जून का पहला सप्ताह प्रचंड गर्मी वाला रहा। वहीं अगले सप्ताह भी इससे राहत नहीं मिलेगी, बल्कि गर्मी और अधिक होगी। जून के दूसरे सप्ताह में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। जबकि मंगलवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भीषण गर्मी के कारण लोग ही नहीं बल्कि पशु और पक्षि भी बेहाल हैं।
गर्मी के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं। गर्मी से निजात पाने के लिए लोग विभिन्न तरीके अपना रहे हैं। स्वीमिंग पूल और नहर में नहाने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। लोग नहाने के लिए स्वीमिंग पूल और पश्चिमी यमुना नहर का रुख कर रहे हैं। इसके शीतल पेय व खाद्य पदार्थों की मांग में भी भारी वृद्धि हुई है। हालात यह हैं कि सुबह आठ बजे ही सूर्य देव अपने प्रचंड वेग में होते हैं। सुबह दस बजे से ही लू का एहसास होने लगता है। लू का असर दिन भर देखने को मिल रहा है। गर्मी के कारण लोगों ने घर से निकलने से भी परहेेज कर रहे हैं। इससे चलते सड़कों और गलियां सुनसानी पसर जा रही है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एमएल खिचर ने बताया कि अभी गर्मी और सताएगी। अगले सप्ताह भी प्रचंड गर्मी पड़ेगी। इस दौरान तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को पारा 44 के पार हो सकता है।
दिन भर खाली बैठे रहे दुकानदार
गर्मी के चलते लोगों के बाहर न निकलने का असर बाजार पर दिखाई। मंगलवार को सुबह दुकानें तो खुलीं, लेकिन दुकानदार व कर्मचारी ग्राहक न होने के कारण खाली बैठे रहे। सूरज ढलने के बाद शाम को लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। शाम को लोग घरों से बाहर निकले, जिससे बाजार में रौनक दिखाई दी। इस दौरान शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर ज्यादा भीड़ रही।
सब्जियों की फसल झुलसी
प्रचंड गर्मी का असर सब्जी व फसलों पर भी पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर टमाटर, तोरी, घीया सहित बेल पर लगने वाली सब्जियों पर पड़ रहा है। टमाटर उत्पादक किसान फसल बचाने के विभिन्न जतन कर रहे हैं। पशु चारा भी बिना पानी के पीला होने लगा है। गन्ने की पत्तियां भी मुरझाने लगी। जिससे किसान काफी परेशान हैं। कृषि जिला उप निदेशक जसविंद्र सिंह सैनी ने कहा कि गर्मी का असर फसलों पर पड़ रहा है। ऐसे में सिंचाई से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। करीब दो सप्ताह बारिश की संभावना नहीं है।